यात्रियों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं मुहैया कराना ही रेलवे का दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले रेल कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के लिए हर ट्रेन में अलग से एक कोच की व्यवस्था की जा रही है, जिसकी शुरुआत इंटरसिटी व गोरखधाम एक्सप्रेस में एक महिला कोच लगाकर की गई है।
इसके अलावा गोंडा रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के भी प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही यहां के लोगों को वह सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी, जो एक बड़े स्टेशन पर यात्रियों को मिलती हैं।
गुरुवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम आलोक सिंह ने यह बातें रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद कहीं। उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म एक व दो के बीच लाइन संख्या तीन पर पानी के जमाव को खत्म करने के लिए ड्रेनेज की व्यवस्था की जा रही है।
जबकि स्टेशन पर अलग से यात्रियों के बैठने के लिए सीटों के साथ ही पंखे इत्यादि भी लगाए जाएंगे। इसके लिए पहले चरण में 50 कुर्सियों के साथ ही पंखे इत्यादि की व्यवस्था की गई है। महिला यात्रियों को ट्रेन में यात्रा करते समय कोई परेशानी न हो, इसके लिए इंटरसिटी व गोरखधाम एक्सप्रेस में उनके लिए अलग से एक कोच की व्यवस्था कर दी गई है। जबकि अन्य ट्रेनों में भी अलग से कोच की व्यवस्था की जा रही है।
डीआरएम ने बताया कि रेलवे स्टेशन को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी केवल रेलकर्मियों की ही नहीं है, इसमें यात्रियों को भी अपना सहयोग देना चाहिए। टिकट बुकिंग दफ्तर के साथ ही आरक्षण दफ्तर की शिकायत पर उन्होंने बताया कि जो लोग पैसों का लेन-देन करते हैं, उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाकर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले डीआरएम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों का निरीक्षण किया।