नवागत डीआईजी देवीपाटन मंडल अनिल कुमार राय ने कहा कि सूचना छोटी हो या बड़ी। अपराध को कंट्रोल करने के लिए शिकायत मिलने पर थानाध्यक्ष उसे समय पर अटैंड करें। जिससे समय से निस्तारण हो जाने पर बड़ी वारदात को रोका जा सकता है।
नवागत डीआईजी अनिल कुमार राय मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से रुबरु थे। 1984 बैच के पीपीएस अधिकारी राय वाराणसी में सीओ रहे। इसके बाद वर्ष 2003 में उन्हें आईपीएस पर प्रोन्नति मिली।
बलिया जनपद के मूल निवासी डीआईजी राय प्रतापगढ़, शामली, भदोही, अलीगढ़ जनपद के एसपी रह चुके हैं। डीआईजी राय मेरठ में एसपी इंटेलीजेंस भी रह चुके हैं। इसके बाद वह डीआईजी स्थापना इलाहाबाद के पर पर तैनात रहे।
नवागत डीआईजी ने बताया कि बाबरी ध्वंस पर अदालत का फैसला जब आया तो वह फैजाबाद में एसपी सिटी थे। मगर फैजाबाद के लोगों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखा। उन्होंने देवरिया जनपद के रुद्रपुर व पटेहरवा थानाक्षेत्र में उनके कार्यकाल में हुए दो एनकाउंटर को भी मीडिया से साझा किया।
डीआईजी ने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ सांप्रदायिक सौहार्र्द कायम रहे। क्राइम कंट्रोल रहे और थानों पर आने वाले फरियादियों की सुनवाई कर उनकी एफआईआर दर्ज की जाए।