फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

6 हजार क्षय रोगियों पर अब कोरोना का खतरा 18-52-09

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। कोरोना वायरस का संक्रमण अब जिले बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अधिक है। खासतौर पर जो लोग क्षयरोग यानि टीबी की बीमारी से ग्रसित हैं उन पर इसका खतरा ज्यादा है। जिले में कुल लगभग 6 हजार क्षय रोगियों में अब कोविड का खतरा मंडराने लगा है। इसकी रोकथाम के लिए अब जिला स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

क्षय रोग विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल लगभग 62 सौ से अधिक क्षय रोगी हैं। इसमें से दो हजार लोग ऐसे हैं कि जिनको की कोरोना बीमारी का खतरा सबसे अधिक है। बताया जा रहा है कि टीबी और कोरोना के लक्षण लगभग एक ही तरह से होने के कारण दोनों के रोगियों को बिना जांच के पहचान पाना कठिन होता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मलिक आलमगीर ने बताया कि अगर पुराने टीबी के मरीजों में अगर तकलीफ बढ़ती है तो इसे हल्के में नहीं लेना है। ऐसा होने पर तुरंत ही अपने डाक्टर को दिखाना चाहिए, जिससे कि समय से इलाज मिलने पर बीमारी को ठीक किया जा सके।
विज्ञापन

सीएचसी स्तर पर शुरू हुई टेस्टिंग
टीबी मरीजों में कोरोना के संक्रमण का अंदेशा होने पर अब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मरीजों की जांच हो रही है। अब सीएचसी पर आने वाले हर मरीज की जांच की जायेगी। आशंका है कि जिन्हें कोरोना नहीं है उन्हें टीबी का खतरा हो सकता है। ऐसे में बिना जांच के किसी भी स्तर पर दोनों बीमारियों में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसी के चलते टीबी क्लीनिक के लैब टेक्नीशियन को कोविड की जांच में लगाया गया है।
डॉट्स सेंटर को अलर्ट किया गया
क्षय रोग विभाग की ओर से टीबी के रोगियों में कोरोना के अंदेशे को लेकर विशेष निर्देश जारी किये गये हैं। बता दें कि विभाग की ओर से क्षय रोगियों को डाट्स सेंटर के माध्यम से टीबी की दवाये उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिससे कि उनकी निगरानी भी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनकी जांच की जा रही है।
टीबी रोबियों के लिए बरती जा रही खास सतर्कता
जिले में क्षय रोग से पीड़ित लोगों के इलाज में कोई लापरवाही न हो इसके लिए बराबर जिले की सभी टीमों की निगरानी की जा रही है। वहीं टीबी के रोगियों में कोरोना के संक्रमण के अंदेशे को लेकर भी खास सतर्कता बरती जा रही है। टीबी के जो रोगी 50 साल के ऊपर के हैं उनमें कोरोना का संक्रमण होने पर परेशानी अधिक देखी गई है।
विज्ञापन

- डॉ. मलिक आलमगीर, जिला क्षय रोग अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें