तरबगंज। लक्ष्मणपुर घाट पर घोघरा नाले (टेढ़ी नदी) में मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान छह श्रद्धालु डूबने लगे। इनमें तीन को बचा लिया गया, जबकि तीन की मौत हो गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए सुमित (18) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लापता रामविलास (20) और अभिषेक तिवारी (18) के शव बुधवार सुबह करीब 10 बजे मिले। हादसे से तीन परिवारों में मातम छा गया।
तरबगंज के भैरमपुर गांव में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए श्रद्धालु मंगलवार शाम करीब छह बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली से लक्ष्मणपुर घाट पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान अचानक छह लोग नदी में डूबने लगे। यह देख गांव के प्रदीप ने नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने सुमित, चंद्रप्रकाश उर्फ रघुवर (20) और पंकज (18) को बाहर निकाला।
इसी बीच प्रदीप भी डूबने लगा, जिसे लोगों ने समय रहते बाहर खींचकर बचा लिया। उधर, सुमित की हालत गंभीर होने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य दोनों युवकों को मनहना स्थित निजी क्लीनिक में उपचार के बाद बचा लिया गया।
इस बीच रामविलास और अभिषेक नदी में लापता हो गए। सूचना पर विधायक प्रेमनरायन पांडेय, एसपी अभिषेक झा, एसडीएम सविता शुक्ला, तहसीलदार आशुतोष पांडेय और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नदी के किनारे रोशनी के लिए जनरेटर लगवाया गया। एसडीआरएफ ने देर रात तक तलाश की लेकिन दोनों का पता नहीं चला।
बुधवार सुबह गोताखोरों और एसडीआरएफ ने फिर तलाशी अभियान चलाया। करीब 10 बजे दोनों के शव बरामद हुए। शव मिलने की सूचना पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सीओ डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। एसडीएम सविता शुक्ला ने बताया कि हादसे वाली जगह प्रतिमा विसर्जन का परंपरागत घाट नहीं था और वहां विसर्जन की अनुमति भी नहीं थी। प्रशासन को पूर्व सूचना दिए बिना प्रतिमा विसर्जन किया जा रहा था।
प्रभावित परिवारों को मिलेगी मदद
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि धोनपुर और तरबगंज की घटनाओं में प्रभावित परिवारों को अहेतुक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राजस्व अधिकारियों को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि निर्धारित घाटों पर ही प्रतिमा विसर्जन करें, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।