गोंडा। तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पीड़ितों की परेशानी सुनने पहुंची डीएम व एसपी के समक्ष अधिवक्ताओं ने पुलिस की निरंकुश कार्यशैली पर सवाल उठाए। बताया कि आम लोगों की सुरक्षा की जगह पुलिस जनता को सरेआम गाली देकर अभद्र व्यवहार करती है। साथियों के साथ पहुंचे अधिवक्ता शिवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि दीपावली पर्व में शहीदे आजम भगत सिंह इंटर काॅलेज में लगे पटाखा बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों से तैनात पुलिस कर्मियों ने काफी अभद्रता की। डीएम को सौंपे गए शिकायती पत्र में पटाखा बाजार में ड्यूटी पर मौजूद एक चौकी प्रभारी व सिपाहियों की हरकतों के बारे में बताया गया।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौजूद एसपी विनीत जायसवाल से पूरे मामले की जांच करा रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। इस दौरान बनकसिया शिवरतन सिंह गांव में एक साथ भूमि विवाद से जुड़े तीन मामलों के आने पर डीएम ने मौके पर एसडीएम अवनीश त्रिपाठी व तहसीलदार देवेंद्र कुमार को भेज कर पक्षकारों की सहमति के आधार पर मामले को निस्तारित कराने का निर्देश दिया। नहर विभाग की एक शिकायत के निस्तारण के लिए सिंचाई विभाग के नोडल अधिशासी अभियंता दुर्गेश कुमार गर्ग के उपलब्ध न होने पर डीएम ने उनका वेतन रोकने का आदेश भी दिया। सुनवाई के दौरान तहसील सदर में दर्ज हुए 61 मामलों में से सिर्फ 3 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। तहसील तरबगंज में सीडीओ अंकिता जैन ने 51 शिकायतों की सुनवाई कर दो का मौके पर ही निस्तारण कराया। इस दौरान आदमपुर के जहीर ने भी तहसीलदार के कोर्ट से मुकदमे की फाइल न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। मनकापुर तहसील में मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने 29 मामलों की सुनवाई की। जबकि करनैलगंज तहसील में एडीएम आलोक कुमार की अध्यक्षता में 48 मामलों को सुना गया।