गोंडा। जिले में लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची के 24.41 लाख मतदाताओं का शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया। इसमें से अब तक लगभग 16.41 प्रतिशत मतदाता मृत्यु, स्थायी तौर पर दूसरी जगह निवास करने, पहले से पंजीकृत व अन्य कारणों से बाहर हो गए हैं। 11 दिसंबर तक बाकी मतदाताओं के एसआईआर पूरा करने की कवायद तेज कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले की लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची में कुल मिलाकर 25.52 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इसमें से 24.41 प्रतिशत मतदाताओं की विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा किया जा चुका है। 79.30 प्रतिशत यानी 20.23 लाख मतदाता एसआईआर फॉर्म जमा करने के बाद सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि अलग-अलग कारणों से 4.18 लाख मतदाताओं को एसआईआर के जरिये सूची से बाहर हो गए हैं। इसकी वजह मृत्यु, मौके पर न मिलने, दूसरी जगह स्थायी तौर पर निवास करने और पहले से कहीं पंजीकृत होना सामने आया है।
अब तक 20.23 लाख मतदाताओं को बीएलओ स्तर से सत्यापित किए गए हैं। इसमें 28.91 प्रतिशत ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने 22 साल बाद हो रहे एसआईआर में दोबारा भाग लिया है। 26.91 प्रतिशत मतदाताओं ने कोई जानकारी नहीं दी। इसके कारण मैपिंग नहीं हो सकी है। उन्हें नोटिस देकर अभिलेख लिए जाएंगे। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया लगभग पूरा हो चुकी है। बीएलओ के माध्यम से एसआईआर फॉर्म भरा जा रहा है।
1.40 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं का हुआ सत्यापन
अधिकारियों ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता सूची के फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। आगामी 10 दिसंबर तक डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कर फीडिंग के लिए समय दिया गया है। ऐसे में कुल 3.63 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं में से सिर्फ 1.40 लाख मतदाताओं का ही सत्यापन हो सका है। आठ दिसंबर को जिलाधिकारी की आयोग स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाही बरतने पर कार्रवाई हो सकती है। सभी को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
जिम्मेदारी निभाई तो मिली पहचान
माधोपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में प्राथमिक विद्यालय सेहरिया कला की शिक्षामित्र आराधना सिंह ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, तो उन्हें विशेष पहचान मिली। आराधना ने बताया कि अभियान के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य पूरा किया। इस पर डीएम प्रियंका निरंजन ने उन्हें सम्मानित किया।