गोंडा। बिना सुविधा के संचालित हो रही करनैलगंज की सब्जी, फल व गल्ला मंडी अतिक्रमण के साथ व्यापारियों से हो रही अवैध वसूली से कराह रही है। मंडी के बाहर थोक फल व सब्जी के साथ लकड़ी, अनाज की दुकानें लगाई जा रही हैं। मंडी शुल्क में खेल हो रहा है। फल, सब्जी के लाइसेंसी व्यापारी कम हैं और दुकानें अधिक लगाई जा रही हैं।
बिना तौल के ही मंडी में सब्जी व फल उतारकर वाहन चले जाते हैं। मंडी में पांच वर्ष पूर्व करीब तीन दर्जन नई दुकानें बनीं थीं। जिसमें व्यापारियों को शिफ्ट नहीं कराया जा रहा है। मंडी में बनी टंकी में पानी नहीं आता, कैमरे बंद पड़े हैं। महज दो गार्ड को छोड़ सुबह दस बजे तक कोई कर्मचारी मंडी में नहीं रुकता है। मंडी में करीब सौ से अधिक दुकानें फुटपाथ पर लगाई जाती हैं, जिससे लाइसेंस लेने वाले व्यापारी परेशान हैं।
16 वर्ष से संचालित इस मंडी में गल्ला व लकड़ी के व्यापारियों को शिफ्ट नहीं कराया जा सका है। बाहर दुकान चलाई जा रही है। सब्जी व फल के एक लाइसेंस पर तीन-तीन दुकानें संचालित हो रही हैं। मंडी में अनाज व लकड़ी के 77 तथा सब्जी व फल के 108 दुकानों का लाइसेंस हैं। मंडी में पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं हैं। जिससे व्यापारियों में आक्रोश भी है।
हटाई जाएंगी अवैध दुकानें
मंडी समिति के अध्यक्ष व उपजिलाधिकारी भारत भार्गव का कहना है कि मंडी में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। जिन व्यापारियों को दुकान आवंटित हैं उसी में व्यापार होना चाहिए। अवैध दुकानों को हटवाने की व्यवस्था कराई जाएगी।
दुकानों में शिफ्ट कराए जाएंगे व्यापारी
करनैलगंज मंडी के सचिव मुकेश जायसवाल ने बताया कि पेयजल की व्यवस्था ठीक कराई जा रही है। कुछ व्यापारी व किसान फुटकर व्यापार करते हैं, यह जानकारी आई है। जल्द ही व्यापारियों को आवंटित दुकानों में शिफ्ट कराया जाएगा।