मनकापुर गन्ना समिति का निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी व अन्य। स्रोत: विभाग
गोंडा। कृषि विभाग की टीम के औचक निरीक्षण में खाद वितरण में अनियमितता पाई गई है। इस पर एक दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं, गन्ना समिति मनकापुर के साथ ही दो दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर छह दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
समितियों पर ताला, दुकानों पर धड़ल्ले से खाद की कालाबाजारी शीर्षक से बीते छह जुलाई को अमर उजाला में खबर के प्रकाशन के बाद कृषि विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को 15 दुकानों का औचक निरीक्षण किया। बभनजोत के दौलतपुर माफी स्थित मनोज वर्मा की दुकान पर अनियमितता सामने आई। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि विक्रेता ने चार किसानों के नाम से 40-40 बोरा यूरिया खारिज कर दिया था। जांच में पाया गया कि कोई किसान भूमिहीन तो किसी के पास एक या दो एकड़ ही जमीन है। ऐसे में संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
गन्ना समिति मनकापुर के निरीक्षण में ओवर रेटिंग, खाद के साथ जबरन रसायन देने तथा पीओएस मशीन की पर्ची न देने की बात सामने आई। जिससे समिति का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। मिश्रा खाद भंडार सोहास में पीओएस मशीन से वितरण न किए जाने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शिव खाद भंडार कुुंदुरुखा में स्टॉक रजिस्टर न होने, शिवा खाद भंडार कुंदुरखा में साइन बोर्ड व स्टॉक बोर्ड न होने, वर्मा ट्रेडर्स माड़ा चौराहा पर उर्वरक का रखरखाव सही न होने, सुरेश कुमार गुप्ता खाद भंडार कुनगइया पर स्टॉक बोर्ड व स्टॉक पंजिका न होने, पटेल खाद भंडार कुनगइया साइन बोर्ड व स्टॉक बोर्ड न होने तथा गुप्ता खाद भंडार पर रखरखाव सही न मिलने के कारण नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।