टिकरी (गोंडा)। नवाबगंज के जफरापुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हैंडवॉश की दीवार ढहने से चपेट में आई छात्रा शिवानी (12) की मौत के बाद मंगलवार को गांव में पुलिस तैनात रही। कार्रवाई के बाद ही अंतिम संस्कार की मांग पर अड़े परिजन व ग्रामीण बाद में बीएसए के समझाने पर मान गए। हालांकि मामले में 14 दिन बाद भी न जांच हुई न ही किसी की जिम्मेदारी तय हो पाई।
मंगलवार को शिवानी का शव घर पहुंचने के बाद वजीरगंज के देवीनगर में ग्रामीणों में आक्रोश नजर आया। नाराज लोगों ने नवाबगंज पुलिस से जिम्मेदारों के खिलाफ लिखित शिकायत की। साथ ही कार्रवाई के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही। पुलिस ने बीएसए अतुल कुमार तिवारी को मौके पर बुलाया। पुलिस के मुताबिक बीएसए के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं। हालांकि गुजरात से आ रहे शिवानी के पिता का इंतजार किया जा रहा है। उनके आने पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि बेहद दुखद है। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी बीईओ को निर्देश दिए हैं। परिवार को आर्थिक मदद का भरोसा दिया गया है। वहीं, नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह का कहना है कि तहरीर देने के बाद वापस ले ली गई।
सांसद प्रतिनिधि ने जांच व कार्रवाई का दिया भरोसा
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री व सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय मंगलवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने दावा किया कि परिवार को क्षतिपूर्ति की जाएगी। साथ ही ऐसी कोई दोबारा घटना न हो, किसी की जान न जाए इसके लिए अधिकारियों से अपील करेंगे। मनकापुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद विक्रम सिंह ने भी शिवानी के परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।