करनैलगंज (गोंडा)। बेटी के हाथ पीले करके उसे डोली में ससुराल विदा करने के पहले ही मां की अर्थी घर से निकली। उसे क्या पता था कि पंचायत चुनाव कराने के एवज में जान गंवानी पड़ेगी।
करनैलगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भवानीगंज में तैनात महिला शिक्षामित्र की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। गत 19 अप्रैल को पंचायत चुनाव में उसकी ड्यूटी बेलसर ब्लॉक में लगी थी। 18 अप्रैल को चुनाव पार्टी रवाना होने में जबरदस्त भीड़ को देखने के बाद नीलम सिंह ने अनुरोध किया था कि उसे ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाए।
मगर किसी अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी। 19 अप्रैल को ड्यूटी के बाद वह घर आई, 20 अप्रैल को रात में तबियत बिगड़ गई। तब उनको गोंडा के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। 23 अप्रैल की कोविड रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाई गई। गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिजन महिला की मौत के लिए चुनाव आयोग और सरकार की जिद को दोषी मान रहे हैं।
चुनाव ड्यूटी के आगे शिक्षक, शिक्षा मित्र और अन्य सरकारी कर्मचारी असहाय दिखे। नीलम सिंह की बेटी की शादी 8 मई को निश्चित थी। नीलम सिंह के 2 बेटे और 1 बेटी है। अभी तीनों बेटे-बेटियों की शादी नहीं हुई है।
बेटी की डोली के पहले मां की अर्थी घर से निकली। उनके परिवार के लोग बेटी की शादी को लेकर बहुत खुश थे। बेटी की डोली बिदा करने के जगह पर पत्नी की अर्थी उठाने में पति कृष्ण पाल सिंह बेहद दुखी हैं।