गोंडा। परसपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत अभईपुर मेहरबान पुरवा में दुधमुंही शगुन की हत्या के आरोप में उसकी मां जगमती को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। रिमांड मजिस्ट्रेट ने सुनवाई कर जगमती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले जगमती ने पुलिस को दिए गए इकबालिया बयान में शगुन को टैंक में फेंकने का पूरा घटनाक्रम बयां किया। बताया कि बेटी पैदा होने के चलते पति से मनमुटाव हो गया था। शगुन का जन्म होने पर पति घर भी नहीं आया और मौत पर भी वह नहीं आया।
आठ माह की शगुन को जंगली जानवर के उठा ले जाने का शोर मचाने वाली मां जगमती आखिरकार अपने ही जाल में फंस गई। शनिवार रात पति से पांच बार फोन पर उसकी बात हुई थी। कॉल डिटेल से इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस के शक की सुई मंगलवार को ही जगमती की ओर घूम गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने जगमती की घेराबंदी की। उसके ससुर सीताराम से बुधवार दोपहर ही पुलिस ने तहरीर ले ली। इसके बाद पूछताछ करके मामले का खुलासा करते हुए बृहस्पतिवार को जगमती को गिरफ्तार कर लिया। ये भी सामने आया कि पति जगमती पर शक करता था। इसी वजह से उसका जगमती से विवाद होता था।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि शगुन की मां जगमती ने हत्या का जुर्म स्वीकार किया है। पूछताछ में बताया कि उसका पति माताफेर मुंबई में रहकर काम करता है। लंबे समय से पति से विवाद चल रहा है। एक साल से अधिक समय हो गया, वह घर नहीं आया और अक्सर फोन पर झगड़ा होता था। जब बेटी पैदा हुई तब भी पति घर नहीं आया था। घटना वाली रात फोन पर पति से विवाद के बाद जगमती ने आवेश में आकर शगुन को घर के पीछे बने टैंक में फेंक दिया। घटना को छिपाने के लिए शोर मचाया कि कोई जानवर बच्ची को उठा ले गया है। एसपी ने बताया कि मामले में जगमती के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है।