शासन ने उत्तर प्रदेश चावल निर्यात नीति के तहत धान खरीद कर उसके चावल को विदेश में निर्यात न करने पर जिले के सात राइस मिलरों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार के विशेष सचिव ने मिलर्स से छूट आदि सुविधाओं की वसूली करने के भी आदेश दिए हैं।
कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार अनुभाग दो के विशेष सचिव मार्क ण्डेय शाही ने मनमानी करने वाली फर्मों पर यह कार्रवाई बीते दिन की। उन्होंने अपनी कार्रवाई का पालन कराने के लिए जिलाधिकारी गोंडा, जिला विपणन अधिकारी गोंडा, जिला व्यापार कर अधिकारी समेत अन्य अफसरों को निर्देंश जारी किया है।
आदेश में कहा गया है कि गोंडा जिले की राइस मिल अतुल इंडस्ट्रीज, ओम इंडस्ट्रीज, पार्श्वनाथ इंडस्ट्रीज, अग्रवाल इंडस्ट्रीज, बालाजी उद्योग, श्याम उद्योग व भीखाराम उद्योग ने विदेश में चावल निर्यात के लिए आवेदन कर 2013 में अस्थायी लाइसेंस लिया था।
इन फर्मों ने विदेश निर्यात का लाइसेंस तो ले लिया, लेकिन कोई काम नही किया। इसकी शासन व मंडी परिषद की ओर से जांच की कराई गई। एडीएम गोंडा की अध्यक्षता में गठित टीम ने जांच की तो पाया कि उपरोक्त लाइसेंसी सात मिलरों में से किसी ने न तो धान की खरीदारी की और न ही धान से चावल का उत्पादन कर उसको विदेश व्यापार में निर्यात किया। साथ ही न ही इस दौरान कोई सूचना दी गई।
समिति ने मामले की रिपोर्ट कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार को रिपोर्ट भेजी, जिस पर शासन ने मिलर्स को जारी विदेश में चावल निर्यात के लिए जारी अस्थायी लाइसेंस को निरस्त कर दिया। शासन ने जिला स्तरीय अधिकारियों को कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।
उत्तर प्रदेश विदेश व्यापार नीति के तहत जिन राइस मिलर्स की ओर से धान खरीद व चावल उत्पादन के साथ चावल का निर्यात नहीं किया गया है, उनका निर्यात लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
अब यदि इन फर्मों ने कोई छूट आदि सरकार से प्राप्त की है तो उसकी भी वसूली की जाएगी। उत्तर प्रदेश कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार अनुभाग के विशेष सचिव मार्क ण्डेय शाही ने अपने में आदेश में इस बात का भी निर्देश दिया है यदि कार्य न करने वाली फर्मों ने कोई छूट आदि का लाभ ले लिया है तो उसे वापस लेने के लिए उनसे वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाए।
जिला विपणन अधिकारी गोंडा आरके सोनकर ने कहा कि शासन के निर्देश पर एडीएम की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले राइर्स मिलों की जांच की गई थी। मिलों की ओर से विदेश व्यापार नीति के तहत चावल का निर्यात करना नहीं पाया गया था।
इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। जिस पर शासन ने इन मिलर्स के विदेश व्यापार नीति के तहत कार्य न करने के आरोप में निर्यात लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की है।
आरएफसी देवीपाटन मंडल देवी प्रसाद का कहना है कि शासन की ओर से की गई कार्रवाई व दी गई गाइड लाइन के क्रियान्वयन व कार्रवाई के लिए जिला विपणन अधिकारी को निर्देश दिया जा रहा है। शासन की कार्रवाई व निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
इन मिलर्स के निरस्त हुए निर्यात लाइसेंस
* मेसर्स अतुल इंडस्ट्रीज जानकी नगर रानी बाजार बड़गांव गोंडा।
* मेसर्स ओम इंडस्ट्रीज मालगोदाम रोड बड़गांव गोंडा।
* मेसर्स पार्श्वनाथ इंडस्ट्रीज माल गोदाम रोड बड़गांव गोंडा।
* मेसर्स अग्रवाल इंडस्ट्रीज माल गोदाम रोड बड़गांव गोंडा।
* मेसर्स बाला जी उद्योग माल गोदाम रोड बड़गांव गोंडा।
* मेसर्स श्याम उद्योग सतईपुरवा स्टेशन रोड गोंडा।
* मेसर्स भीखाराम उद्योग जय नगरा बलरामपुर रोड गोंडा।