मसकनवा/गौराचौकी/गोंडा। बारिश में जिले में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। 24 घंटे में सर्पदंश से पीड़ित छह मरीजों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। मेडिकल कॉलेज लाते समय एक मरीज की रास्ते में मौत हो गई।
मंगलवार रात नौ बजे छपिया के हथियागढ़ निवासी रामप्रसाद भारती को सांप ने डस लिया। आननफानन उन्हें पीएचसी बुक्कनपुर में ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
वहीं सर्पदंश से पीड़ित शेखापुर निवासी पार्वती देवी को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। यहां पर 45 वॉयल एंटी स्नैक वेनम लगाने के बाद भी राहत नहीं मिली, जिससे उन्हें हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। सर्पदंश के पांच अन्य मरीजों की हालत सामान्य बताई जा रही है। ईएमओ डॉ. अरिहंत ने बताया कि सांप के डसने पर झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े। एक घंटे के भीतर डॉक्टर के परामर्श पर एंटी स्नैक वेनम लगवाने से जान बचने की संभावना अधिक रहती है।
सांप काटने पर करें ये काम
- सांप काटने के स्थान पर अच्छे से साबुन से धोएं।
- डसने वाली जगह पर बीटाडीन लगाएं।
- व्यक्ति को बेहोश न होने दें, पीठ के बल लिटा दें।
- सांप काटने वाले स्थान पर न चीरा लगाएं और न ही जहर चूसने की कोशिश करें।
- काटने वाले स्थान पर रुमाल, कपड़ा या रस्सी से न बांधे।
- दर्द कम करने के लिए पेन किलर या अल्कोहल न दें।