गोंडा। बेरोजगारी का आलम यह है कि जिले में आउटसोर्सिंग की भर्तियों में एक-एक पद पर सात-सात अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। लेकिन सेवायोजन व एनआईसी के माध्यम से कराई गई रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत तीन-तीन अभ्यर्थियों के बुलाए जाने से अन्य आवेदक मायूस हुए।
नई शिक्षा नीति के तहत जिले के 14 पीएमश्री विद्यालय व 196 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी स्तर की बच्चों की देखभाल के लिए ईसीसीई एजुकेटर की आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से चयन प्रक्रिया चल रही है। जिले में कुल 210 पदों के लिए 1519 ने आवेदन किया। इसमें से 630 को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया, जिसमें से मात्र 352 ही शामिल हुए।
आवेदन करने वाली पिंकी, रीता यादव, सौम्या तिवारी समेत अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें मौका नहीं दिया गया और सिर्फ 630 अभ्यर्थियों को ही बुलाया गया। जबकि आधे से अधिक कुल 889 को काउंसिलिंग प्रक्रिया से ही बाहर कर दिया गया। अधिकारियों से उन्हें भी मौका दिलाने की मांग की है।
वहीं, जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र का कहना है कि रेंडमाइजेशन के तहत एक पद पर तीन लोगों को बुलाया जाना था, उनकी काउंसिलिंग कराई गई है। जबकि एक पद पर सात से अधिक आवेदन मिले थे।
उनका कहना है कि अगर पहली बार में 210 पदों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते हैं तो दोबारा रेंडमाइजेशन कराया जा सकता है। वहीं, ईसीसीई चयन कमेटी के अध्यक्ष व एडीएम आलोक कुमार का कहना है कि अगर काउंसिलिंग को लेकर किसी तरह की कोई गड़बड़ी की गई है तो उनसे शिकायत की जा सकती है। उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जा सकती है।