गोंडा। जिले में संचालित सभी गो-आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी होगी। प्रत्येक पंचायत सचिव अपने क्षेत्र के गो-आश्रय स्थलों का प्रतिदिन सुबह और शाम निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की रिपोर्ट व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करेंगे।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि कुछ गो-आश्रय स्थलों पर हरे चारे, पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी की शिकायतें मिली हैं। इस पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अब रोजाना दो बार गो आश्रय स्थल की जांच होगी।
अमृत सरोवरों में जल भरवाने की व्यवस्था शुरू
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने तत्काल प्रभाव से अमृत सरोवरों और पारंपरिक तालाबों में जल भरवाने को कहा है। इसके लिए नलकूप खंड, ग्राम विकास तथा पंचायती राज को निर्देशित किया है। साथ ही हर दिन की प्रगति रिपोर्ट शाम तक उनके कार्यालय और मुख्य विकास अधिकारी को अनिवार्य रूप से भेजी जाए, ताकि सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके। जिला विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर करीब 60 तालाबों में जल भरवाने का काम शुरू हो चुका है।