गोंडा। जनकल्याणकारी एवं विकास कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को डीएम डॉ. नितिन बंसल ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागवार योजनाओं की समीक्षा की। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही काम न करने वाले रोजगार सेवकों की सेवा समाप्त करने के आदेश दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सीएमओ डॉ. केके श्रीवास्तव डीएम को जरूरी दवाओं की लिस्ट, उनकी उपलब्धता, जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान, संस्थागत प्रसव की संख्या, जेई व एई के बारे में, स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के निर्माण की स्थिति सहित अन्य विषयों की प्रगति के बारे में जानकारी नहीं दे सके।
किसी भी जानकारी से अनजान सीएमओ को हटाकर दूसरे सीएमओ की तैनाती अतिशीघ्र करने के लिए डीएम ने शासन को पत्र लिखने का निर्णय लिया है और सीडीओ को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं हर हफ्ते जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करें। इसके बाद डीएम ने पेंशन योजनाओं की समीक्षा की तो ज्ञात हुआ कि जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा 89 हजार पेंशनर्स को पेंशन दी जा रही है, जबकि ब्लॉकों व तहसील स्तर पर लगभग 10 हजार पेंशन के आवेदन लंबित हैं।
ग्राम पंचायतों में रोजगार न सृजित करने वाले रोजगार सेवकों की सेवाएं समाप्त करने के लिए पूर्व में दिए हुए निर्देशों का पालन न करने पर डीसी मनरेगा से जवाब तलब किया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सबसे कम मानव दिवस सृजित करने वाले रोजागर सेवकों को तत्काल हटाया जाए। ऐसी ग्राम पंचायतें जहां पर एक करोड़ से अधिक का काम मनरेगा के तहत हुआ उन सबकी जांच टीम बनाकर कराई जाए।
नलों के रिबोर के लक्ष्य 2469 के सापेक्ष मात्र 1208 नलों के रिबोर किए जाने, गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 47 प्रतिशत खरीद हो पाने और सौभाग्य योजना के तहत गांवों का संतृत्तीकरण न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी दी है। कृषकों कीक केसीसी बनाने के लिए बैंकों में हर मंगलवार व शुक्रवार को सभी शाखाओं में कैंप लगाकर आवेदन लेने के निर्देश एलडीएम व डीडी एग्रीकल्चर को दिए हैं।
आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी संस्था आरईएस के एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिनों में काम न पूरा होने पर एफआईआर दर्ज कराकर वसूली करा लेने की चेतावनी दी है। खाद्यान्न की आपूर्ति की समीक्षा के दौरान डीएम ने डीएसओ को निर्देश दिए कि ई-पॉश मशीन के द्वारा वितरण करने वाले कोटेदारों की सूची उन्हें दी जाए। महीनों से राशन न लेने वाले कार्ड धारकों का भी डाटा तैयार किया जाए।