गोंडा। मौसम के बदलाव के कारण मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। अवकाश के बाद सोमवार को पर्चा बनवाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन सुबह आठ से 11 बजे तक सर्वर नहीं चलने से पर्चे नहीं बन सके। मैनुअल पर्चे बनाकर राहत देने की कोशिश की गई। हालांकि, करीब 400 मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
सोमवार को ओपीडी शुरू होने के पहले ही ऑनलाइन पर्चा बनाने वाला सर्वर ठप हो गया। सुबह आठ से लेकर 11 बजे तक पर्चा काउंटर के टिनशेड में मरीजों की लंबी कतार लग गई। परेशान होकर मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी की अनुमति के बाद 11 बजे से हस्तलिखित पर्चा बनना शुरू हुआ तो अपनी बारी को लेकर मरीजों में धक्कामुक्की शुरू हो गई। सुरक्षाकर्मियों की मदद से मरीजों को कतारबद्ध कराया गया।
पर्चा न बनने से लौटे मरीज
रुपईडीह के परसौरा निवासी राजदुलारी देवी को बुखार था। उनके तीमारदार घनश्याम ने बताया कि सुबह आठ से दस बजे तक खड़े रहे, लेकिन पर्चा बनना नहीं शुरू हुआ। शहर के इरशाद अहमद को उल्टी दस्त की समस्या थी। पर्चा न बनने के कारण लौटना पड़ा।
जांच कराने व दवा लेने में भी दिक्कत
11 बजे के बाद पर्चा बनना शुरू हुआ तो ओपीडी से लेकर दवा वितरण काउंटर व पैथालॉजी में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर से जांच शुरू होने के कारण रिपोर्ट के लिए मरीजों को दूसरे दिन बुलाया गया। इसी प्रकार दवा लेने में भी अफरा तफरी का माहौल रहा।
सर्वर ठप होने पर की गई वैकल्पिक व्यवस्था
सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी के अनुसार, पर्चा बनने वाला सर्वर ठप होने के बाद मरीजों की परेशानी को देखते हुए हस्तलिखित पर्चा बनाने की शुरूआत की गई। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समस्या हुई, लेकिन सभी मरीजों का उपचार किया गया।