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एक क्लिक पर देखिए डिजिटाइज्ड मैप पर अपनी जमीन

Wed, 27 Apr 2016 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
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ऑनलाइन नक्शा देखते लोग - फोटो : अमर उजाला
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आपकी जमीन कहां है और उसकी क्या स्थिति है? ये जानने के लिए अब लेखपाल या चकबंदी कर्मचारी के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब कंप्यूटर या मोबाइल पर एक क्लिक कर डिजिटाइज्ड मैप पर अपनी जमीन देख सकेंगे। इसके लिए भारत सरकार रेवेन्यू के मूल नक्शे को डिजिटाइज्ड मैप की शक्ल देने जा रही है। सभी ग्राम पंचायतों के राजस्व विभाग का नक्शा अब ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
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खतौनी से लिंकअप होने से कोई भी व्यक्ति अब आसानी से अपनी खतौनी या उससे जुड़े नक्शे को ऑनलाइन कहीं भी आसानी देखकर उसका प्रिंट भी निकाल सकेगा। रेवेन्यू मैप के डिजिटाइज्ड होने से इसमें लोगों को किसी तरह की गड़बड़ी करने का मौका नहीं मिल सकेगा। इससे बार-बार नक्शा दुरुस्ती, मेढ़ के विवाद व पैमाइश की समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी।

देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोंडा के कमिश्नरी भवन में मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के एक-एक तहसील के मैप को डिजिटल करने का काम शुरू हो गया है। 1041 मैप स्कैन हो चुके हैं 324 मैप डिजिटल व 120 मैप का फाइनल डिजिटाइजेशन हो चुका है।
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मूल रेवेन्यू मैप से स्कैन सभी डिजिटाइज्ड मैप को खतौनी से लिंकअप किया जाएगा। जिससे कोई भी आदमी अपने ऑनलाइन मैप से खतौनी व खतौनी से मैप का आसानी से मिलान कर सकेगा। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सत्येंद्र सिंह पवार ने बताया कि सभी तरह की जांच के बाद गुड़गांव स्थित उनकी कंपनी से मैप की फाइनल डिस्पैच कॉपी मिलने के बाद कंपनी डिडिटाज्ड मैप को ऑनलाइन जनता के लिए भारत सरकार को समर्पित करेगी। 

मैप स्कैनिंग का काम शुरू
जिले के कमिश्नरी भवन में आईएलएफएस इंवायरमेंटल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड ने रेवेन्यू मैप के डिजिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी आटोमैटिक मशीन से मूल नक्शे की स्कैनिंग कर राजस्व विभाग से उसकी जांच करा रहे हैं। बुधवार को इसकी कार्य प्रगति का देवीपाटन मंडल के प्रभारी आयुक्त/अपर आयुक्त प्रशासन राजाराम ने जायजा लिया। उन्होंने स्कैन किये गए नक्शों का बारीकी से अध्ययन कर खामियों को इंगित कर कंपनी के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर सत्येंद्र सिंह पवार को सुधार के निर्देश दिये। इसके अलावा जांच में बारीकियों पर ध्यान न देने पर राजस्व कर्मियों को फटकार लगाई। 

कई दौर में होगी स्कैनिंग मैप की जांच 
राजस्व विभाग के मूल नक्शे को स्कैन करने के बाद उसके सभी बिंदुओं की बारीक ी से पड़ताल की जाएगी। इसके लिए हर जिले के तहसीलवार राजस्व व चकबंदी अधिकारी व कर्मचारी लगाए गए हैं। पहले स्टेज में मूल नक्शे को स्कैन किया जाएगा जिसे राजस्व विभाग का स्टाफ चेक करेगा। इसके बाद इसमें संबंधित अधिकारियों के मय तारीख के हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद फाइनल डिजिटाइजेशन के लिए भेजा जाएगा। 


‘भारत सरकार रेवेन्यू मैप को ऑनलाइन डिजिटाइज्ड करा रही है। राजस्व विभाग के मूल नक्शे को आटोमैटिक मशीन से स्कैन करके उसकी राजस्व व चकबंदी विभाग से जांच कराई जाएगी। कई बार स्कैन करके सभी बिंदुओं की जांच करने के बाद उसे कंपनी स्कैन करके गुड़गांव से फाइनल स्कैन डिजिटल मैप ऑनलाइन कराएगी। ऑनलाइन नक्शा हूबहू मूल नक्शे जैसा होगा। इससे नक्शे में गड़बड़ी, दुरुस्ती, मेढ़ व पैमाइश के विवाद नहीं होगा। लोगों को आसानी से मैप पर अपनी जमीन आदि देखने में आसानी होगी। ’
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- राजा राम, प्रभारी आयुक्त/अपर आयुक्त प्रशासन देवीपाटन मंडल 
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