गोंडा। सेवा समाप्ति का नोटिस मिलने पर भड़के मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 47 सुरक्षाकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारी सेवा अवधि को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। घंटों इंतजार के बाद सीएमओ ने प्रदर्शन कर रहे कर्मियों के एक प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर उनकी परेशानी को सुना।
सुरक्षाकर्मी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सेवा प्रदाता एजेंसी ने 47 सुरक्षाकर्मियों की सेवाएं 12 जनवरी से खत्म हो जाने की नोटिस जारी की है। इसमें कहा गया है कि 12 जनवरी को एजेंसी की निविदा खत्म हो जाएगी। इससे कार्यरत सुरक्षा कर्मियों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स मयंक एजेंसी, आगरा की ओर से 67 सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। इन कर्मियों को विभिन्न अस्पतालों में तैनात किया गया था। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या के बाद सरकार की ओर से अस्पतालों की सुरक्षा में पूर्व सैनिकों की तैनाती की व्यवस्था लागू की गई है। इसके बाद सीएमओ ने पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड को पत्र लिखकर अस्पतालों की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती सुनिश्चित कराने के लिए कहा।
25 पूर्व सैनिकों के नियुक्ति के बाद एजेंसी की ओर से बीते साल सितंबर माह में 20 सुरक्षाकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को बचे हुए 47 कर्मियों को भी 12 जनवरी से सेवा समाप्ति की नोटिस जारी कर दी गई। सेवा समाप्ति का नोटिस जारी होने के विरोध में बृहस्पतिवार को संविदा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया पूर्व सैनिकों की तैनाती का फैसला शासन की ओर से लिया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से ही इन सुरक्षा कर्मियों को कुछ राहत मिल सकती है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में अरविंद सिंह, गुलशन कुमार, दीपक, चंद्रभान, सपना, राहुल सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।