धानेपुर थाने में पकड़े गए आरोपी। स्रोत: पुलिस
मुजेहना (गोंडा)। सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्ति को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। धानेपुर के मूड़ाडीहा स्थित संजय गांधी स्मारक लघु माध्यमिक बालिका विद्यालय के प्रबंधक संजय भारती ने बेटे श्याम सुंदर के साथ मिलकर वर्ष 2015 में एक अभ्यर्थी को बीएसए की ओर से जारी लिपिक का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके एवज में उससे 13.77 लाख रुपये ले लिए। मामले की जांच कर रही पुलिस ने शनिवार को प्रबंधक व उसके बेटे को गिरफ्तार किया है।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय ने बताया कि धानेपुर के बाबागंज निवासी अतुल कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया था कि 2015 में प्रबंधक व उसके पुत्र ने मूड़ाडीह में संचालित परिषदीय एडेड विद्यालय में लिपिक पद की नौकरी का झांसा दिया। इसके बाद बीएसए की ओर से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। सेवायोजन अर्हता के लिए रिफेंडेबल सिक्योरिटी के तौर पर कई बार में 16.47 लाख रुपये ऐंठ लिए।
जबकि पीड़ित को न तो तैनाती मिली और न ही कोई वेतन मिल सका। पीड़ित ने अपनी रकम का तगादा किया तो आरोपियों ने फर्जी चेक थमा दिया। काफी प्रयास के बाद पीड़ित को 2.70 लाख रुपये वापस किए। काफी समय बीतने के बाद पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में कोर्ट के आदेश पर पीड़ित ने धानेपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शनिवार को देहात कोतवाली के बैरिया विशुनपुर निवासी संजय भारती और श्याम सुंदर को गिरफ्तार किया है।