फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक कंपोजिट स्कूल बनेगा इंटर कॉलेज बाकी 16 बनेंगे हाईटेक

विज्ञापन
फोटो-18-गोंडा के बेलसर स्थित कंपोजिट विद्यालय अभईपुर।-संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। जिले के एक कंपोजिट स्कूल को अब इंटर कॉलेज का दर्जा मिलेगा। अभी तक यहां कक्षा आठ तक के पठन पाठन की सुविधा ही होती थी। इंटर कॉलेज बन जाने से यहां 12 वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलने से बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके साथ ही कक्षा आठ तक के अन्य 16 कंपोजिट स्कूलों को भी हाईटेक सुविधा से लैस कर मॉडल बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्दी शासन को भेजा जाएगा। इससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी बच्चों को गुणवत्ता युक्त बुनियादी शिक्षा मुहैय्या करायी जा सकेगी।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा के संचालित कंपोजिट विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देने की तैयारी हो रही है। अभी तक इन स्कूलों में एक ही परिसर में संचालित कक्षाओं में प्राथमिक व जूनियर स्तर की पढ़ाई की सुविधा मुहैया होती थी। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत जिले में संचालित कंपोजिट स्कूलों में से किसी एक स्कूल का चयन इंटर तक की पढ़ाई के लिए होगा। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर संचालित इन स्कूलों को हाईटेक कर मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर फिलहाल एक कंपोजिट स्कूल को इंटर कॉलेज और 16 कंपोजिट स्कूलों को मॉडल बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में चार सौ से अधिक कंपोजिट स्कूल संचालित हैं।
16 विकासखंड स्तर पर संचालित कंपोजिट स्कूलों को अब अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के नाम से हाईटेक कर मॉडल के बतौर विकसित किया जाएगा। यहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होगी। इन स्कूलों में आठ तक की बेहतर पढ़ाई कराई जाएगी, वहां स्मार्ट क्लास आदि का प्रबंध कराया जाएगा। यह स्कूल अन्य स्कूलों के प्रेरणास्रोत बनेंगे, उन्हें इस तरह से तैयार किए जाने की योजना है।
विज्ञापन

जर्जर भवन वाला स्कूल ही बनेगा इंटर कॉलेज
जिले में एक आदर्श कंपोजिट स्कूल को इंटर कॉलेज बनाने की तैयारी है। इसमें ऐसे स्कूल का चयन होगा, जिसका भवन जर्जर और जीर्णशीर्ण स्थिति में होगा, ताकि उपलब्ध फंड से नया विद्यालय भवन भी बनाया जा सके। इसके लिए स्कूल का क्षेत्रफल 16 हजार वर्ग मीटर होना चाहिए। चयनित स्कूल में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं चलेंगी। प्रस्तावित मॉडल स्कूल में लगभग 800 बच्चों को एक साथ पढ़ाने की सुविधा के साथ ही अध्यापकों के लिए अलग स्टाफ रूम और प्रधानाध्यापक रूम व साइस लैब भी होगी।
मॉडल स्कूलों के चयन को तय मानक
16 ब्लॉक में माडल अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के लिए ऐसे कंपोजिट स्कूल को चुना जाएगा, जहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई करायी जा सके। इसमें पांच कक्ष में डाइनिंग हॉल, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष व साइंस लैब होगी। पूरे स्कूल भवन को इको फ्रेंडली तर्ज पर विकसित कर टॉयलेट पर्यावरण के अनुकूल पानी की बचत को ध्यान में रखते हुए उच्चीकृत होंगे। बच्चों के लिए साइकिल स्टैंड व पार्किंग स्थल समेत पेड़ पौधे और हरियाली का ध्यान रखा जाएगा। न्यून्तम तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले स्कूलों को ही मॉडल स्कूल के तहत विकसित कराया जाएगा, जहां 250 विद्यार्थी एक साथ शिक्षण कार्य कर सके।
शासन से इंटर कॉलेज के कंपोजिट स्कूल व ब्लॉक स्तर पर मॉडल स्कूल के चयन का प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों से मानक के अनुसार स्कूलों का प्रस्ताव मांगा गया है। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें