गोंडा। स्कूली वाहनों में बच्चों को ले जाने के लिए जिले 518 स्कूली बसों को लगाया गया है। इनमे से अधिकांश बसे मानक को दरकिनार करके बच्चों को ढो रही हैं। बच्चों को ले जाने के लिए टेंपो, ई-रिक्शा व रिक्शा समेत अन्य साधन भी लगाए गए हैं। जिसमें बच्चों को भूसे की तरह ठूसा जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। शासन ने बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। मगर इसके बावजूद यहां बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है।
चालक टेंपो दौड़ाने में मस्त, बच्चे खतरे से बेेखबर
परिवहन नियमों को दरकिनार करके छह सीटों वाले टेंपो पर चालकों ने 15 सवारियां बिठाने का नियम बना लिया है। टैम्पो चालक बच्चों को लेकर चौक-चौराहों से गुजरते हैं। टैम्पो में पिछली सीटों के बीच में लगाई गई बेंच पर बैठा एक छात्रा खतरे से बेफिक्र पैर बाहर निकाल कर बैठा है। टैम्पो की अगली सीट पर किनारे बैठे एक बच्चे ने भी जगह की कमी के कारण हाथ बाहर कर लिया है। इससे खतरा हो सकता है।
हम किसी से कम नही, रिक्शे पर 9 बच्चों को जुगाड़ से बिठाया
रिक्शे वाले भी खूब हैं। पैसा कमाने की होड़ में उन्हें बच्चों के जान की भी परवाह नही है। रिक्शे की मुख्य सीट पर तीन तो उसके सामने बेंच लगाकर तीन और बच्चों को बिठा लिया। रिक्शे के पीछे भी तीन बच्चों को लाद लिया। उनके बैग अलग से टंगे हैं। रिक्शे से बाहर डेढ़ फिट तक बेंच निकली है तो साइड में टंगे बैग भी बच्चों के लिए किसी वाहन के गुजरने से टच होने पर खतरा बन सकते हैँ।
छह सीट वाले टेंपो पर लाद लिए 15 बच्चे
छह सीट वाले टैम्पो पर चालक ने 15 स्कूली बच्चों को लाद लिया। पीछे की दोनों सीटों पर छह की जगह आठ बच्चे और बीच में ही बेंच लगाकर उस पर चार बच्चों को भर लिया। चालक के बगल वाली सीट पर भी तीन बच्चों को बिठा लिया। उसके बाद सड़क पर टेंपो दौड़ा दी है। पिछली सीटों के बीच में लगी बेंच पर बैठे एक बच्चे का पैर बाहर है। साइड से वाहनों के गुजरने पर हादसा हो सकता है।
दो सीट वाले रिक्शे पर बिठा दिए सात बच्चे
इन्हें किसी बच्चे के सुरक्षा की फिक्र नहीं है। घर से स्कूल के लिए रिक्शे पर रिक्शा चालक सात बच्चों को लेकर स्कूल के लिए निकला है। रिक्शे में दो बच्चों के बैटने के लिए सीट है, इस सीट पर दो की जगह तीन बच्चों को बिठा दिया। इसके सामने ही अलग से एक और बेंच लगा दी, जिसपर भी तीन बच्चों को बिठा लिया। इतना ही नहीं रिक्शे के पिछले हिस्से में एक बच्चे को खड़ा कर दिया। साइड में बच्चों के बैग भी टांग दिए हैं। साइड से निकलने वाले किसी भी वाहन से टकराने पर हादसा हो सकता है। मगर रिक्शे वाले को अपनी कमाई से मतलब है।
फैक्ट फाइल
वाहन सीट
ऑटो 5
टैम्पो 7
ई-रिक्शा 5
रिक्शा 2
इनसेट
नहीं कराया बसों का फिटनेस, फिर भी कर रहे संचालन
बच्चों को स्कूल ले जाने और लाने के लिए जनपद में 518 बसें रजिस्टर्ड हैं। इनमें से बड़ी बसें यानि 54, 42, 36 व 15 सीटर 365 बसे हैं, जबिक 7,8 व 9 सीटर 150 बसें हैं। मगर स्कूली बसों में मानक से अधिक बच्चों को भरा जा रहा है। हाल यह है कि अधिकांश बसों का फिटनेस भी नहीं है। स्कूल संचालक बच्चों को बसों से लाने व ले जाने का काम तो कर रहे हैं। मगर कई सालों से बसों को फिटनेस नहीं करा रहे हैं।
26 स्कूली बसों के पंजीयन निलंबित, 75 को नोटिस
जिले में 101 स्कूूलों के संचालकों ने स्कूली बसों को फिटनेस नही कराया है। एआरटीओ प्रशासन ने बिना फिटनेस के वाहनों को संचालन कराने वाले 26 स्कूली वाहनों के पंजीयन निलंबित कर दिए हैं। एआरटीओ ने 75 स्कूली बसों के संचालकों को संबंधित थानाध्यक्षों के माध्यम से नोटिस भेजा है। जिसमें तीन माह के अंदर वाहनों को फिटनेस न कराने पर सभी 75 वाहनों के पंजीयन निरस्त करने की चेतावानी दी है। एआरटीओ ने थानाध्यक्षों से संबंधित हलका दरोगा व सिपाही के माध्यम से स्कूल संचालकों को नोटिस तामील कराने की अपेक्षा की है।
स्कूली बच्चों की जिंदगी से किसी को खिलवाड़ नही करने दिया जाएगा। ऑटो, टेंपो व ई-रिक्शा की चेकिंग करके मानक से अधिक बच्चों को ले जाते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों का संचालक कराने में 26 पंजीयन निलंबित कर दिए गए हैं। 75 स्कूली बसों के संचालकों को फिटनेस न कराने पर पंजीयन निरस्त करने की नोटिस भी दिया गया है। -संजीव सिंह, एआरटीओ, प्रशासन