रुपईडीह। दलित महिला के जाति प्रमाणपत्र का आवेदन लेखपाल द्वारा बिना स्थलीय जांच के निरस्त करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग ने डीएम तथा एसपी को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत जांच करके 15 दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।
कौड़िया बाजार निवासी सोनी चौधरी ने बताया कि कटरा बाजार के बनगांव में उनका मायका है। मायके में उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बना था। शादी के बाद उन्होंने कौड़िया स्थित ससुराल से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 18 नवंबर 2025 को ऑनलाइन आवेदन किया था। हल्का लेखपाल ने बिना स्थलीय जांच के मनगढ़ंत रिपोर्ट लगाकर आवेदन को निरस्त कर दिया। डीएम से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में विवश होकर उन्होंने आयोग को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच कराने का निर्णय लिया। आयोग ने जिला और पुलिस प्रशासन से कहा है कि वे इस प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई, तथ्यों तथा आरोपों पर आधारित तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग को भेजें।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आयोग संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आगे की कार्रवाई कर सकता है।