गोंडा में बाढ़ के हालात व पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री। संवाद
करनैलगंज। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने के बावजूद मैदानी क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। इससे करीब 300 बीघा कृषि भूमि कटान की जद में आ गई है। एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार को जलस्तर 106.250 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। कुल डिस्चार्ज घटकर 3,16,409 क्यूसेक रह गया है। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि जलस्तर और डिस्चार्ज घट रहे हैं। राहत की बात है कि बांध के पास कटान नहीं हो रही है। नदी और बांध के बीच कटान रोकने की तैयारी की गई है।
तरबगंज संवाद के अनुसार, नेपाल के बैराजों से पानी घटने से सरयू के तटीय इलाकों में चिंता कम हुई है, लेकिन 22 गांवों के 116 मजरे अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। जलभराव से आवागमन और चारे का संकट बना हुआ है। तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने बताया कि आवागमन के लिए 156 नाव व आठ मोटरबोट संचालित हैं। शुक्रवार को परास पट्टी मझवार व पुरवार में राहत सामग्री का वितरण हुआ। लेखपाल पंकज सैनी ने बताया कि दोनों गांवों में 750-750 किट बांटी जानी हैं। ऐली परसौली में 150 क्विंटल भूसा बांटा गया है।
विश्नोहरपुर संवाद के अनुसार, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर तेजी से घटने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। दत्तनगर, व्योंदा माझा, साकीपुर समेत कई गांवों में पानी कम हो रहा है। हालांकि मुख्य मार्गों पर अभी भी जलभराव है। रिंग रोड के पश्चिमी छोर पर स्थित चौखड़िया, महंगूपुर और जैतपुर में पानी घटने की रफ्तार धीमी है।
ग्रामीण रामदेव यादव ने बताया कि रिंग रोड के अवरोध से ऐसा हो रहा है। आशुतोष पांडेय ने कहा कि जलभराव से गन्ने और धान की फसलें खराब हो जाएंगी। फूलचंद ने बताया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।
गोंडा में बाढ़ के हालात व पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री। संवाद
गोंडा में बाढ़ के हालात व पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री। संवाद