गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटते हुए खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को कटान की आशंका के चलते बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बचाव के उपाय किए। मगर नदी बांध से 700 मीटर दूर खेतों में कटान करने लगी। इससे बाढ़ खंड के लोगों ने बदले स्थान पर सुरक्षा के उपाय शुरू कर दिए हैं।
बारिश के चलते कटान रोकने के काम में दिक्कत हो रही है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन रुक-रुककर हुई बारिश के कारण बांध से नदी के किनारे तक जाने वाला रास्ता खराब हो गया। इसके चलते ट्रैक्टर-ट्राॅली, जेसीबी या पोकलेन मशीन नहीं पहुंच पाई। जिससे बचाव कार्य भी प्रभावित रहा।
बहुवन मदार माझा गांव के सामने बाढ़ खंड के अधिकारियों ने कटान रोकने के लिए तमाम प्रयास करते हुए सफलता हासिल की है। मगर अब कटान दूसरी जगह शुरू हो गया है। मौजूदा समय में जलस्तर में भी गिरावट आ रही है। बीते 24 घंटे के भीतर सरयू का जलस्तर तेजी से घटा है। नदी अब खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि बृहस्पतिवार को बारिश के चलते थोड़ा बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
तरबगंज से पूर्व सपा प्रत्याशी रामभजन चौबे ने तहसील के अधिकारियों पर बाढ़ पीड़ितों को राहत वितरण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज चौबे के साथ एडीएम को ज्ञापन देते हुए बाढ़ पीड़ितों की समस्या के स्थायी निदान की मांग की है। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में बताया कि साकीपुर के चहलवा में सरयू के कटान से दर्जनों घर व सैकड़ों बीघे कृषि भूमि नदी में समा गई है। जिससे प्रभावित लोगों को रहने व मवेशियों को चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।