करनैलगंज/विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। बृहस्पतिवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से आठ सेमी ऊपर है।
जलस्तर बढ़ने की रफ्तार भले कुछ धीमी हुई हो, लेकिन नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। विश्नोहरपुर क्षेत्र के माझा इलाकों में हालात बिगड़ रहे हैं। यहां कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भरा है। बाड़ी माझा में दयाशंकर के घर के नजदीक तक पानी पहुंच गया है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 105.90 मीटर था, जो खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे यह बढ़कर 106.02 मीटर और रात 10 बजे 106.08 मीटर पहुंच गया, जिससे नदी खतरे के निशान को पार कर गई। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जलस्तर 106.12 मीटर रहा और शाम चार बजे बढ़कर 106.15 मीटर हो गया।
इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा है। बृहस्पतिवार शाम तक नदी में 2.65 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे लहरें बेकाबू हो रही हैं।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नकहरा, बहुवन मदार मांझा, मांझा रायपुर, बेहटा, पारा, चंदापुर किटौली समेत संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। प्रभारी तहसीलदार अतुल कुमार पाल ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियां और राहत टीमें अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी गांव में बाढ़ का पानी बस्ती तक नहीं पहुंचा है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल कहीं भी कटान से तटबंध को खतरा नहीं है।