करनैलगंज। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा है। तीन दिन में नदी का जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ा है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है।
वर्तमान में सरयू का जलस्तर 103.75 मीटर है। खतरे का निशान 106.07 मीटर है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय क्षेत्रों के साथ-साथ आसपास के जिलों में हुई बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
एल्गिन-चरसड़ी तटबंध की सुरक्षा के लिए करीब 7.34 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे कार्य अंतिम चरण में हैं। बहुवन मदार मांझा के पास 4.96 करोड़ रुपये की लागत से स्पर का निर्माण कराया जा रहा है। कटान रोकने के लिए तीन कतारों में परक्यूपाइन लगाए जा रहे हैं और स्थायी बाढ़ शिविर भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा करीब 2.38 करोड़ रुपये की लागत से कच्चे बांध पर खड़ंजा बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
तटबंध पर मिले रैट होल, स्याही होल और बारिश से बने कटाव की भी मरम्मत कर दी गई है। विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान संभावित दबाव से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी।
संवेदनशील गांवों पर रहेगी विशेष नजर
उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने बताया कि बहुवन मदार मांझा, चंदापुर किटौली, नकहरा, नैपुरा, परसावल, बेहटा और नउवनपुरवा समेत बाढ़ एवं कटान प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की जा रही हैं तथा राहत एवं बचाव से जुड़े सभी संसाधनों को तैयार रखा गया है।
स्पर निर्माण अंतिम चरण में
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि बाढ़ आने से पहले सुरक्षा के सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। स्पर निर्माण अंतिम चरण में है और वर्तमान में पत्थरों की पिचिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिससे तटबंध को कटान से बेहतर सुरक्षा मिल सके।