गोंडा-लखनऊ मुख्य मार्ग पर बने सरयू पुल की कोठियों में दरार पड़ने से यात्रियों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। जगह-जगह दरार पड़ने से पुल पर उछाल हो गया है। इससे पुल पर वाहनों के चलने से झटके लग रहे हैं, जिससे पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
करनैलगंज से मात्र तीन किलोमीटर दूर लखनऊ रोड स्थित सरयू नदी पर 1960 में पुल का निर्माण हुआ था। 1962 में इस पुल पर आवागमन की शुरुआत हुई थी।
पुल निर्माण को 55 वर्ष पूरे हो गए हैं। कई वर्षों से पुल की मरम्मत या रंगाई-पुताई तक नहीं हुई। यह पुल करीब चार कोठियों में बना है।
पुल के भीतर लोहे की रिगें पड़ी हुई हैं जो भारी व लोड वाहन के निकलने पर करीब दो इंच तक दबाव के साथ उछाल लेता है।
सरयू नदी के बीचोबीच में दूसरी कोठी के जॉइंट में पिछले तीन वर्षों से दरार लगातार बढ़ रही है। पहले यह दरार करीब आधा इंच थी जो बढ़कर अब लगभग तीन इंच हो गई है।
लोगों की मानें तो जैसे-जैसे दरार बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुल की उछाल भी बढ़ रही है। मरम्मत के अभाव में पुल की दरार कभी भी खतरे का कारण बन सकती है।
एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि सरयू पुल में बढ़ती दरार की तकनीकी जांच के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को पत्र भेजा जाएगा तथा जॉइंट की दरार को भरवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।