गोंडा। जिले के दौरे पर गुरुवार को आये नोडल अधिकारी व अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने जिले में कोरोना के संक्रमण की स्थिति और उसके बचाव के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने सभी अफसरों को कोविड-19 एवं संचारी रोग नियंत्रण, स्वच्छता अभियान, पेयजल आदि को जरूरी दिशा निर्देश जारी किये। नोडल अधिकारी ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को गंभीरता से लेकर प्रयास किये जायें और सैंपलिंग को और बढ़ाया जाये। बैठक में सबसे पहले नगर निकायों में सैनिटाइजेशन को लेकर एक्शन प्लान बनाने के लिए दिए गए निर्देशों की समीक्षा की।
सफाई व्यवस्था की समीक्षा के बाद उन्होंने जनपद में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। डीएम ने उन्हें बताया कि जनपद में वर्तमान में बाढ़ की समस्या नहीं है लेकिन बाढ़ से तहसील करनैलगंज के ग्राम नकहरा में लगभग सौ हेक्टेयर व तहसील तरबगंज के ऐली परसौली बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 1100 हेक्टेयर फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। इस पर नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि 15 सितंबर तक नुकसान का सत्यापन कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाय। डीएम डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए 23 बाढ़ चैकियां अभी भी सक्रिय हैं। फ्लड पोस्ट पर बराबर निगरानी के लिए बाढ़ खण्ड के जेई तथा राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई गई है।
बैठक में आयुक्त एसवीएस रंगाराव, डीएम गोण्डा डॉ. नितिन बंसल, सीडीओ शशांक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, सीएमएस डॉ. अरूण लाल, एडीएम राकेश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट वन्दना त्रिवेदी, एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव व करनैलगंज ज्ञानचन्द्र गुप्ता, तहसीलदार तरबगंज एनएन वर्मा, एक्सईएन बाढ़ वीएन शुक्ला, आपदा विशेेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव, सभी नगर निकायों के ईओ व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरोना से हुई मौतों के बारे में भी जानकारी ली
नोडल अफसर ने समीक्षा के दौरान सीएमओ डॉ. मधु गैरोला को सैम्पल कलेक्शन की संख्या, कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या, डिस्चार्ज किए गए मरीजों की संख्या, कुल एक्टिव केसेज की संख्या, रिपोर्ट प्राप्ति के लिए लंबित सैंपल्स की संख्या व कोरोना से अब तक हुई मृत्यु की संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाय। उन्होंने आरटीपीसीआर, ट्रूनेट मशीन तथा एंटीजेन से होने वाले सैंपल टेस्ट के बारे में बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि उन्हें किसी भी दशा में अस्पतालों में गंदगी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
यूरिया की उपलब्धता पर भी जानकारी ली
कोविड-19 की समीक्षा के बाद नोडल ने जिले में यूरिया व अन्य उर्वरकों की उपलब्धता तथा वितरण के बारे में समीक्षा की। डीएम ने बताया कि यूरिया की कृत्रिम कमी दिखाकर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर सख्त कार्यवाही की जा रही है। अब जनपद में यूरिया की कोई कमी नहीं है।