नंदिनीगर में राष्ट्रकथा को लेकर सजाया गया मंदिर। स्रोत: आयोजक
गोंडा। नंदिनीनगर महाविद्यालय में एक से आठ जनवरी तक आयोजित होने वाले राष्ट्रकथा महोत्सव के लिए कॉलेज परिसर सजकर तैयार है। इतने वृहद आयोजन के बावजूद किसी से कोई आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाएगा। लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अपने घर की वस्तुओं से सहयोग कर सकते हैं।
राष्ट्रकथा महोत्सव के आयोजक व पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि इस राष्ट्रकथा में सर्वसमाज के छोटे-बड़े सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति अपने घर में उपलब्ध बथुआ, मटर फली, पूजा के लिए पुष्प, हवन सामग्री, घी, दूध और सब्जियां देकर राष्ट्रकार्य में अपना अंशदान कर सकते हैं। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में ही एक संकलन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। पूर्व सांसद ने कहा कि लोग धन से नहीं, भावना के साथ इस कथा से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों से भंडारे के लिए बथुआ और मटर फली दान करने की अपेक्षा की गई है। इससे प्रतिदिन चलने वाले भंडारे में देशी खाद्य पदार्थ सगपहिता (बथुआ मिलाकर बनाई गई उड़द की दाल) और निमोना (मटर पीसकर बनाई गई सब्जी) परोसा जाएगा। साथ ही घर में तैयार घी और तेल का ही इस्तेमाल होगा। भंडारे में पनीर का प्रयोग बिल्कुल नहीं होगा।
आज आएंगे ऋतेश्वर जी महाराज
पूर्व सांसद ने बताया कि प्रवाचक पीठाधीश्वर सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज बुधवार सुबह राजधानी से चलकर दोपहर दो बजे तक नंदिनीनगर पहुंचेंगे। इससे पूर्व वह अयोध्या में हनुमान गढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन करेंगे। लखनऊ से नंदिनीनगर के मार्ग में जगह-जगह उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की जा रही हैं। अयोध्या के नजरबाग स्थित गुरुद्वारे में भी उनके भव्य स्वागत का कार्यक्रम है। कथास्थल पर उनके स्वागत के लिए कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह, विधायक प्रतीक भूषण सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और विशिष्ट जन मौजूद रहेंगे।
बांस के भव्य मंडप में ठहरेंगे ऋतेश्वर जी महाराज
नंदिनीनगर महाविद्यालय स्थित अखाड़े के उत्तर की ओर महाराज जी के ठहरने के लिए बांस से भव्य व वाटरप्रूफ मंडप बनाया गया है। उसके पास एक अन्य मंडप में उनके सहयोगियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। (संवाद)