बाराबंकी से जरवल रोड तक 20.50 किमी. तक पूरा हो चुका है कार्य
करनैलगंज से शुरू हुआ कार्य, जल्द ही गोंडा तक होगा पूरा होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोण्डा। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के रेल लाइन को सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज हुई है। गोरखपुर से गोंडा-बाराबंकी तक रेलवे लाइन के किनारे स्टील का घेरा बनाकर सुरक्षित किया जाएगा। जिससे कोई भी रेलवे लाइन को पार नहीं कर सकेगा।
सेफ्टी फेसिंग की पूरी परियोजना पर 213.98 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। परियोजना पर कार्य शुरू हो गया है, बाराबंकी से जरवल रोड रेलवे लाइन पर 20.50 किमी. तक कार्य पूरा हो गया है। इसके आगे के कार्य तेजी से पूरी हो रहे हैं। रेलवे लाइनों को पार करते समय अक्सर पशु भी ट्रेन के चपेट में आ जाते हैं या फिर लोग भी रेलवे लाइन की चपेट में आ जाते हैं। इससे उस समय निकल रही ट्रेन तो प्रभावित होती है, वहीं लोगों का खतरा भी बना रहता है। इस पर रोकथाम के लिए यह जरूरी भी बताया जा रहा है। इसलिए दोनों तरफ एक्सप्रेसवे की तरह स्टील की सेफ्टी फेंसिंग डब्ल्यू-बीम मेटल टाइप फेंसिंग लगाने का कार्य तेज हो गया है।
अब कार्य गोरखपुर-गोंडा खंड व 154 किमी के ट्रैक के दोनों तरफ सेफ्टी फेंसिंग कार्य बहुत जल्दी पूरा हो जाएगा। इससे ट्रेनों के संचालन सुरक्षित व अनुमन्य गति से निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगा। रेल लाइनों के किनारे सेफ्टी फेंसिंग लग जाने से पशुओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लग सकेगी तथा रेल भूमि पर अनावश्यक अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगी।
बहुत जल्द पूरा हो जाएगा सेफ्टी कार्य
यह कार्य सुरक्षा की दृष्टि और ट्रेनों के नियमित संचालन करने के लिए प्राथमिकता से किया जा रहा है। बहुत जल्द ही बाराबंकी से गोंडा होकर गोरखपुर तक रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ सेफ्टी फेंसिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-आदित्य कुमार, डीआरएम-लखनऊ