गोंडा। जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के चलते बृहस्पतिवार को एक तरफ जहां मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलीं, वहीं ऑपरेशन की कतार में लगे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज में सेफ हाउस बनाए जाने व विशेषज्ञ डॉक्टरों को वीआईपी ड्यूटी पर भेजे जाने के कारण 20 मरीजों को ऑपरेशन के लिए अगली तारीख दे दी गई।
सीएम की सुरक्षा के लिए बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में सेफ हाउस बनाया गया था, चार बेड व एक ऑपरेशन थियेटर आरक्षित किया गया था। अस्पताल में मात्र एक ही ओटी होने के कारण मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो सका। आपरेशन थियेटर में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
बृहस्पतिवार को आर्थो सर्जन डॉ. अतुल सिंह, जनरल सर्जन डॉ. मो. शकील व सीनियर रेजीडेंट डॉ. मुशफिरा सोहेल की ओटी का शेड्यूल था, लेकिन डॉ. शकील व डॉ. अतुल को मुख्यमंत्री की वीआईपी ड्यूटी में लगा दिया गया।
डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि जनरल सर्जरी व आर्थो सर्जरी में करीब 20 ऑपरेशन प्रस्तावित थे, जिन्हें टालना पड़ा। डॉ. शकील ने बताया कि जनरल सर्जरी में उनके पांच ऑपरेशन थे। डॉ. मुशफिरा ने बताया कि ऑपरेशन के लिए तीन चार फाइलें ओटी में रही होंगी। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि सीएम की वीआईपी ड्यूटी के कारण ऑपरेशन नहीं हो सके।
इन डॉक्टरों की भी लगी वीआईपी ड्यूटी
- सीएम की वीआईपी ड्यूटी में कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक भी लगे रहे। उनसे इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीआईपी ड्यूटी में एनेस्थेटिस्ट डॉ. राम कुंवर, फिजिशियन डॉ. निशांत पांडेय, आर्थो सर्जन डॉ. मो. सलमान, सर्जन डॉ. डीएन सिंह, फिजिशियन डॉ. जियाउल रहमान, एनेस्थेटिस्ट डॉ. देवेश शुक्ल, आर्थो सर्जन डॉ. पीएन सिंह, सर्जन डॉ. आनंद पांडेय, फिजिशियन डॉ. एजाज अहमद को तैनात किया गया था। इससे इन विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराने आए मरीजों को परेशानी हुई।