गोंडा। ग्रामसभा में क्या चर्चा हुई, कौन से फैसले लिए गए और ग्रामीणों ने क्या सवाल उठाए, अब इसका डिजिटल हिसाब रहेगा। 15 अगस्त को होने वाली विशेष ग्राम सभाओं की वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग कर उसे ‘सभासार’ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। रिकॉर्डिंग अपलोड होते ही एआई आधारित पोर्टल बैठक के प्रमुख बिंदुओं और निर्णयों का डिजिटल कार्यवृत्त तैयार करेगा।
प्रभारी डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य ग्राम सभाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। ग्रामसभा की सूचना पहले से ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए पंचायत भवन, नोटिस बोर्ड, सोशल मीडिया समूह और मुनादी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में निर्धारित एजेंडे पर चर्चा, अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी और कार्रवाई की उच्च गुणवत्ता वाली रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करनी होगी। रिकॉर्डिंग समय से पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। तैयार कार्यवृत्त की ब्लॉक और जिला स्तर पर निगरानी होगी। पोर्टल पर कार्रवाई अंग्रेजी के साथ संविधान की आठवीं अनुसूची की 23 प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध रहेगी। ग्राम सभा में किस मुद्दे पर चर्चा हुई, क्या निर्णय लिया गया और किसकी जिम्मेदारी तय हुई, इसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे पंचायतों के फैसलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और जिम्मेदारी तय होने के बाद उससे बच निकलना आसान नहीं होगा।