आरटीई के तहत जिले में 20 जनवरी से 18 फरवरी तक आवेदन लिए गए थे। 723 निजी विद्यालयों में एक लाख से कम आय वाले परिवार के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिलाने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। कुल मिलाकर 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर आय वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाना है। इसके लिए पहले चरण में कुल 605 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए। बीईओ व बीएसए स्तर से सत्यापन के बाद कुल 227 अभ्यर्थी पहली लॉटरी में शामिल किए गए। जिसमें से सोमवार को कुल 168 बच्चों को विद्यालय आवंटन किया गया।
जरूरी दस्तावेज के अभाव में हुए रिजेक्ट
विभागीय जानकारों ने बताया कि लगभग 73 प्रतिशत आवेदन जरूरी दस्तावेज के अभाव में निरस्त कर दिए गए। कई अभ्यर्थियों ने जन्म प्रमाणपत्र के स्थान पर शपथ पत्र लगाकर आवेदन किया। जिसमें से सत्यापन के बाद बीईओ स्तर से 428 आवेदन स्वीकार किए गए थे, जबकि 177 आवेदन रिजेक्ट किए थे। बीएसए स्तर से सत्यापन में 428 आवेदनों में से 227 स्वीकार किए गए, जबकि 201 आवेदन रद्द कर दिए गए। लॉटरी के दौरान 227 आवेदनों में से 59 निरस्त कर दिए गए। इसके बाद 168 बच्चों को स्कूल का आवंटन किया गया।
वर्ज
एक मार्च से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
बीएसए प्रेमचंद यादव के अनुसार प्रथम लॉटरी में 168 बच्चों को विद्यालय आवंटन हुआ है। इन्हें जल्द ही खंडशिक्षाधिकारी स्तर से निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश दिलाया जाएगा। जबकि दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हो रही है। इसमें आवेदन कर प्रवेश लिया जा सकता है।