गोंडा। आरपीएफ की हिरासत में लिए गए युवक की मौत के मामले में आरोपी उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आलोक शर्मा ने आरोपी की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अभियोजन के अनुसार, मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी राजू सोनकर ने पांच नवंबर 2025 को कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया कि चार नवंबर को सुबह करीब 11:30 बजे आरपीएफ के कर्मचारी उसके घर पहुंचे और उसके 36 वर्षीय भाई संजय सोनकर को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। शाम करीब 4:30 बजे संजय को गांव लाया गया और एक व्यक्ति से उसकी पहचान कराने के बाद आरपीएफ कर्मी उसे दोबारा अपने साथ ले गए। आरोप है कि संजय के साथ मारपीट की गई। अगले दिन उसके शव के जिला अस्पताल में होने की जानकारी मिली।
रिपोर्ट में आरपीएफ गोंडा के उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार, करन सिंह यादव, अमित कुमार यादव और अन्य अज्ञात आरपीएफ जवानों पर संजय की हत्या करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज किया था। अग्रिम जमानत के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र में सुरेंद्र कुमार की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सुरेंद्र कुमार की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।