गोंडा। रोडवेज डिपो में बसों के संचालन के लिए निगम को चालक नहीं मिल पा रहे हैं। इस वजह से पिछले तीन माह से 25 बसें कार्यशाला परिसर में ही खड़ी हैं। रोडवेज डिपो के बेड़े में चार एसी बसों को मिलाकर 131 बसें हैं। इनके संचालन के लिए निगम के पास 158 चालक व 120 परिचालक हैं। दिल्ली व वाराणसी की बसों को छोड़कर प्रत्येक बस पर एक-एक चालक लगाए गए हैं।
दिल्ली और वाराणसी की बसों पर दो चालकों को लगाया गया है। सप्ताह में करीब पांच से आठ चालक विभिन्न कारणों से अवकाश पर रहते हैं। शेष चालकों के सहारे का बसों का संचालन होता है। चालकों के अभाव में पिछले तीन माह से 25 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ये बसें कार्यशाला परिसर में चालकों के इंतजार में खड़ी रहती हैं। निगम प्रशासन चालकों की खुली भर्ती कर रहा है। इस प्रक्रिया में आवेदन के बाद रूट टेस्ट के माध्यम से भर्ती की जा रही है, लेकिन आवेदक ही नहीं आ रहे हैं। इससे चालकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है।
एआरएम कपिलदेव ने बताया कि नियमित व संविदा मिलाकर 158 चालक हैं। चालकों की कमी की वजह से 25 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। चालक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। चालकों की भर्ती के बाद सभी बसों का संचालन किया जाएगा।