जिले मेें डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोडवेज में क्लर्क की नौकरी करने वाले इटियाथोक के पारासराय गांव में रहने वाले राहुल तिवारी की सोमवार की शाम लखनऊ में डेंगू से मौत हो गई। राहुल की शादी अभी छह महीने पहले सेखुई गांव के दयाशंकर की बेटी रागिनी से हुई थी जो पति के साथ लखनऊ में ही रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थी। सोमवार की रात जैसे ही उसकी मौत का पैगाम उसके गांव और ससुराल पहुंचा कि हर कोई अवाक रह गया।
बताया जाता है कि परासराय गांव में रहने वाले राजेश्वर तिवारी ने अपने पुत्र राहुल तिवारी (22) की शादी छह महीने पहले मार्च में सेखुई गांव के दयाशंकर की पुत्री रागिनी से की थी। चूंकि राहुल को परिवहन विभाग लखनऊ में क्लर्क की नौकरी मिल गई थी। इसलिए वह अपनी पत्नी रागिनी के साथ लखनऊ में ही रह रहा था।
बताते हैं कि बीते 30 सितंबर को राहुल को अचानक तेज बुखार आया। घर वाले उसे लेकर एक बड़े अस्पताल गए, जहां तीन दिनों तक उसका उपचार चला। लेकिन इलाज से उसे कोई फायदा नहीं हुआ। अलबत्ता सोमवार की शाम उसकी सांसें थम गईं।
सोमवार की रात जैसे ही उसके गांव और ससुराल में उसके मरने की खबर पहुंची कि चारों ओर कोहराम मच गया। मंगलवार को परिवार के लोगों ने शव को अयोध्या ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया। वहीं राहुल के घर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा।
उधर, डेंगू से बीमार लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां नवाबगंज के जेम्सहार्वी स्कूल में पढ़ने वाले 8 साल के बच्चे में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उसे फैजाबाद एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है तो वहीं ऐली परसौली में रहने वाले शिवपूजन ने अपने 14 साल के बेटे को डेंगू होने पर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।
नवाबगंज में नगवा गांव स्थित जेम्सहार्वी स्कूल में रहकर पढ़ने वाले अमित प्रकाश (8) पुत्र अनूप प्रकाश को सोमवार को तेज बुखार आया। जांच में पता चलने पर कि उसे डेगू है, परिवार वालों ने उसे ले जाकर फैजाबाद अस्पताल में भर्ती कराया है।