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बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में फिर शुरू हो गया खेल, जांच के आदेश

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गोंडा। यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षाएं फरवरी माह में होनी हैं। इसके पहले परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। केंद्र तय करने के लिए कॉलेजों के डाटा फीडिंग में बडे़ पैमाने पर खेल किए जाने की शिकायतें बढ़ गईं हैं। बिना किसी जांच के और नोडल अधिकारी की आख्या देखे ही मनमाने ढंग से कॉलेजों का डाटा फीड किए जाने की शिकायत शासन तक हुई है। आयुक्त महेंद्र कुमार ने केंद्र निर्धारण की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। आयुक्त का कहना है कि परीक्षा केन्द्र के निर्धारण में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षा को नकलमुक्त कराने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। इसके लिए कई तरह के मानक बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों को तय करने के लिए कॉलेजों की ओर से दिए जाने वाले डाटा का सत्यापन किए जाने का कार्य बुधवार की देर शाम को पूरा हो गया है। बताया जा रहा है कि 115 से अधिक इंटर कॉलेजों के डाटा को अपलोड ही नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारी कहते हैं कि कॉलेजों की ओर से डाटा दिया ही नहीं गया था, वहीं सवाल यह है कि आखिर नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट क्यों नहीं ली गई है। 459 इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले करीब एक लाख बच्चों की परीक्षाएं इस बार केंद्रों पर होनी है।
माना जा रहा है कि परीक्षा केंद्र तो 150 तक ही बनेंगे या फिर दो चार बढ़-घट सकते हैं, लेकिन विभाग की ओर से कॉलेजों का ब्यौरा देने में लापरवाही गंभीर बात है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कॉलेजों को पहले अपने डाटा ऑनलाइन करने थे और फिर सत्यापन करके डाटा का सत्यापन विभाग को करना था। इसी बीच बेलसर ब्लॉक के राम शंकर सिंह स्मारक इंटर कॉलेज की ओर से एक आपत्ति दी गई और आरोप लगाया गया कि उनके डाटा में हेराफेरी की गई है। बीते साल 20 कमरे थे और कालेज परीक्षा केंद्र था। इस बार विभाग ने अचानक कमरों की संख्या 18 कर दिया। इसी तरह कई और स्कूलों में खेल हुए हैं। मामला आयुक्त के दरबार तक पहुंच गया है।
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पहले भी शिकायतों से घिर चुका है डीआईओएस दफ्तर
बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण में खेल को लेकर पहले भी डीआईओएस दफ्तर आरोपों से घिर चुका है। वर्ष 2019 में परीक्षा केंद्र तय हुए तो पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को ही परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया था। इसे लेकर बडे़ स्तर तक मामला पहुंचा, इसके अलावा कई कालेजों के भवनों की संख्या बढ़ाने व घटाने का मामला भी सामने आया था। इस बार फिर गड़बड़ियों का मामला उच्चाधिकारियों के दरबार में पहुंच चुका है।
रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई
बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र तय करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -महेंद्र कुमार, आयुक्त देवीपाटन
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