गोंडा। कोरोना महामारी से बचाव के लिए जनपद में टीम-9 का गठन किया गया है। कोविड प्रोटोकॉल और सख्ती से लागू की किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। कोरोना से लड़ाई में जनपदवासियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से बढ़ चढ़कर सहयोग मांगा गया है।
जिलाधिकारी मारकण्डेय शाही ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, मगर कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। इसलिए अब कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। जिसमे लोगों के साथ ही पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड से बचाव के लिए टीम-9 का गठन किया गया है। जिसमें सीडीओ शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में डॉ. राधेश्याम केसरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ. एपी सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवराज, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमरनाथ, डीपीएम की टीम सरकारी व निजी चिकित्सालयों में आईसीयू व ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।
अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह की अध्यक्षता में गठित दूसरी टीम में डॉ. एपी सिंह अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी ईएमटीएस 102, 108, डॉ. टीपी जायसवाल एसएमओ सीएमएसडी, मनोज कुमार उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, औषधि निरीक्षक आत्रेय मिश्रा, प्रभारी इंटीग्रेटेड कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर द्वारा जनपद में एंबुलेंस की सेवाओं सुचारू रूप से सुनिश्चित करना, जनपद पर इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूम की व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक व्यक्ति की जिज्ञासा व अनुरोध सभी अधिकारी व विभाग तक अवश्य पहुंच जाएं।
तीसरी टीम मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में डॉ. जयगोविंद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीपीआरओ, डीपीओ द्वारा जनपद एवं राज्य अधिकारियों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना, जनपद द्वारा किये जा रहे कार्यों को प्रदेश सरकार को अवगत कराया जाना, प्रदेश सरकार के सभी पत्रों का तत्काल व यथा संभव उसी दिन उत्तर का भेजना तथा समन्वय सुनिश्चित करने का काम करेगी।