गोंडा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बूस्टर डोज के मानक में बदलाव किया है। कोरोनारोधी टीका की दूसरी खुराक के नौ महीने बाद लगने वाला बूस्टर डोज अब सरकारी कर्मचारियों को तीन माह बाद ही लग सकेगा। जिले में 24 हजार सरकारी कर्मचारी व शिक्षक चुनाव ड्यूटी के लिए चिह्नित किए गए हैं।
मानक में बदलाव से इन कर्मचारियों को राहत मिली है। अभी तक नौ महीना पूरा न करने वाले कर्मचारी सकते में थे। नए फैसले के बाद बूस्टर डोज का अभियान सोमवार से शुरू हुआ। इसमें मौजूद कर्मचारियों ने उत्साह के साथ बूस्टर डोज की खुराक ली।
पिछले साल हुए पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में संक्रमित हुए कर्मचारियों को देखते हुए इस बार विधानसभा चुनाव में ड्यूटी को लेकर कर्मचारी पशोपेश में नजर आ रहे है। हालांकि शासन ने मतदान में सहयोग करने वाले कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर उनकी देखभाल का पूरा भरोसा दिलाया है। इसके तहत ही बूस्टर डोज के मानक में भी बदलाव कर राहत दी गयी है।
अब दूसरी डोज लगवाने के तीन माह बाद ही चुनावी कार्मिकों को बूस्टर डोज लगाई जा सकेगी। स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों व 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को यह डोज नौ माह बाद ही लगेगी। यदि कोई मतदान कर्मी दूसरी डोज लगवाने के बाद संक्रमित हो गया होगा तो उसे संक्रमण से उबरने के तीन माह बाद बूस्टर डोज दी जाएगी।
इस संबंध में सभी बूथों पर वैक्सीनेटर व नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन कर्मियों की ड्यूटी मतदान में लगाई गई है, वह किसी भी विभाग के हों उन्हें दूसरी डोज लगवाने की तिथि के तीन माह पर ही बूस्टर डोज लगा दी जाए।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को कोरोनारोधी वैक्सीन का बूस्टर डोज, दूसरी डोज के तीन महीने बाद ही लगाया जा सकेगा। इसके लिए सोमवार से शुरू हुए बूस्टर डोज के विशेष टीकाकरण अभियान के दौरान चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को दूसरी डोज के तीन माह पूरे होने के बाद ही बूस्टर डोज लगा दी जाए।