गोंडा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश पर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कस्बा करनैलगंज तथा कस्बा नवाबगंज में रैन बसेरे स्थापित कर दिए गए हैं जिसमें से महिला अस्पताल व जिला अस्पताल के रैन बसेरों को सक्रिय कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में संभावित ठंड से बचाव के मद्देनजर रैन बसेरों की स्थापना कराई गई है तथा रैन बसेरों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए प्रबंध कराए गए हैं। इसके साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी तहसीलों के प्रमुख स्थलों को अभी चिन्हांकित कर लें ताकि सर्दी के समय रैन बसेरे के साथ ही अलाव आदि का प्रबंध समय से कराया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि रैन बसेरों में रुकने वाले कमजोर लोगों को ठंड से बचाने के लिए गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं किचन आदि की व्यवस्था कराई जाय। कोविड-19 के दृष्टिगत रैन बसेरों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए प्रत्येक दिन सैनिटाइज कराया जाए।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, नगर निकाय एवं जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिये है कि ठंड एवं शीतलहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के दृष्टिगत जनपद में आश्रयहीन व्यक्तियों के लिए रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करायें ताकि कोई भी निराश्रित, असहाय एवं कमजोर वर्ग के व्यक्ति रात में सड़क अथवा फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हों।
उन्होंने कहा है कि रैन बसेरों में शेल्टर होम में रुकने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के साथ ही अलाव जलाने की भी व्यवस्था करायें और रैन बसेरों में एक केयरटेकर तैनात किया जाये। जिसका नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर रैन बसेरा गेट पर जरूर लिखवायें तथा नामित वरिष्ठ अधिकारी रात में रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें एवं निरीक्षण के दौरान केयर टेकर के पास उपस्थित रजिस्टर पर निरीक्षण टिप्पणी अवश्य अंकित करेें।
जिलाधिकारी ने कहा है कि चिकित्सालयों, बस, रेलवे स्टेशनों एवं श्रमिकों के कार्य स्थलों व बाजारों में अनिवार्य रूप से रैन बसेरे संचालित किये जायें ताकि ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों जिनके पास ठहरने की सुविधा नहीं है और विशेष रूप से जो चिकित्सा एवं रोजगार आदि के लिए बाहर से आये है उन्हें खुले में फुटपाथ, सड़कों के डिवाइडर पर न सोना पड़े, बल्कि उन्हेें रैन बसेरा में रहने की सुविधा उपलब्ध करायें तथा रैन बसेरा में समस्त सुविधायें अच्छी व गुणवत्ता पूर्ण हों और इनमें साफ-सफाई, साफ सुथरे बेड शीट, कम्बल तथा सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की जाये।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल डॉ. एपी मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला महिला चिकित्सालय में 06 बेड का रैन बसेरा सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल के रैन बसेरे में ठहरने वाले मरीजों के तीमारदारों को मानक अनुरूप सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल के रैन बसेरे में ठहरने के लिए तीमारदार को उसके मरीज के भर्ती होने का इनडोर नंबर दिखाना होगा। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में एक केयर टेकर की भी ड्यूटी लगाई गई है जो रैन बसेरे की देखरेख का कार्य करेगा।