गोंडा। परसपुर के चरसड़ी स्थित देशी शराब की दुकान पर जांच के दौरान नकली रैपर बरामद होने की जानकारी के बाद भी मौके पर न पहुंचना आबकारी निरीक्षक को भारी पड़ा। डीएम मार्कंडेय शाही ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए आरोपी आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह के निलंबन की संस्तुति सीधे शासन को भेजी रिपोर्ट में की है।
पुलिस कप्तान ने भी इस मामले में लापरवाही बरतने पर एसओ तरबगंज से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम और एसपी ने पंचायत चुनाव के दृष्टिगत अवैध शराब बनाने व इसे बेचने के कारोबार पर पूरी तरह सख्ती बरतने का निर्देश देते हुए चेताया कि अगर जिले में अवैध जहरीली शराब के इस्तेमाल से एक भी मौत हुई तो संबंधित क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक व थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए मुकदमा दर्ज कराने के साथ निलंबन तक की सख्त कार्रवाई होगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने थाना परसपुर अंतर्गत ग्राम चरसड़ी में नकली रैपर बरामद होने की सूचना के बाद भी आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह द्वारा मौके पर पहुंच कर कार्रवाई न करने को डीएम ने काम काज में घोर लापरवाही बताया।
उन्होंने निर्देश दिया कि गड़बड़ी पकड़ने को जिले में संचालित 391 देसी, अंग्रेजी और बीयर की लाइसेंसी दुकानों का शत प्रतिशत सत्यापन तत्काल प्रभाव से शुरू कराया जाए। साथ ही अवैध तौर पर देसी शराब बनाने की धधक रही भट्ठियों को ड्रोन की मदद से चिह्नित कर नष्ट कराने के साथ आरोपियों की गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।