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किताब बिना कैसे पढ़ें चार लाख बच्चे

Fri, 22 Jul 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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बढ़ गई फीस - फोटो : PTI
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परिषदीय शिक्षा ग्रहण कर रहे साढ़े चार लाख बच्चों का भविष्य अंधकार मय है। तीन माह अप्रैल, मई व जून माह बीत गया। जुलाई भी बीतने वाला है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को किताब के बिना ही स्कूलों में ककहरा सीखना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था का आलम यह है कि न सिर्फ गोंडा जिले के बल्कि प्रदेश के सभी जिलों के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करोड़ों बच्चों का भविष्य दांव पर है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों तथा सहायता प्राप्त, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराया जाता है। इस बार शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू हो गया, लेकिन किताबें नहीं मिलीं। अप्रैल व मई माह में बिना किताब के पढ़ाई होने के बाद विद्यालय बंद हो गए और जुलाई से पुन: विद्यालय खुल गया, लेकिन अभी भी बच्चों को किताब नहीं मिली। जिले में करीब साढ़े चार लाख बच्चे कक्षा एक से आठ तक बिना किताब के ही पढ़ रहे हैं।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद उत्तर प्रदेश से पूरे प्रदेश के लिए किताबों की आपूर्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित होती हैं। बीते वर्ष सितंबर व अक्टूबर में यह प्रक्रिया शुरू हुई, जिससे अप्रैल माह में पुस्तकों की आपूर्ति हो सके, लेकिन किसी अड़चन के कारण यह निविदा निरस्त हो गई।
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अभी मई माह में एक बार फिर निविदा निकाली गई और अंतिम तिथि पांच मई बीत गई। इसमें कई फर्में शामिल हुईं, लेकिन आज तक इसका टेंडर फाइनल नहीं हो पाया। टेंडर फाइनल होने के बाद सभी जिलों से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कक्षा वार बच्चों की संख्या, किस कक्षा में कितनी किताबें चलती हैं, उनकी संख्या आदि का विवरण उस फर्म को भेजेंगे।

इसके बाद पुस्तकों के प्रकाशित होने के बाद फर्मों द्वारा जिला मुख्यालयों पर पुस्तकें उपलब्ध करायी जाएंगी। इन किताबों का सत्यापन अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, जिसमें करीब 15 दिन लगता है। सत्यापन के बाद जिले स्तर पर स्कूलों तक किताब भेजवाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया जाएगा। संबंधित फर्म बीआरसी से लेकर स्कूलों तक किताब भेजवाएंगे। इस प्रक्रिया में ही करीब दो माह का समय लगता है। ऐसे में बच्चों को किताबें मिलने की जल्दी उम्मीद है। 
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कक्षावार बच्चों की संख्या
कक्षा        बच्चों की संख्या    किताबों की संख्या  टाइटिल
01        51613            154839        03
02-        60709            242836        04
03-        63272            442904        07
04-        55778            446224        08
05-        47779            382232        08
06-        29257            409598        14
07-        32114            417482        13
08-        33342            433446        13
 
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