गोंडा। देवीपाटन जोन के जिलों में पाॅवर काॅर्पोरेशन उपभोक्ताओं से सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है। आलम यह है कि बिजली बिल राहत योजना के तहत 100 प्रतिशत सरचार्ज और मूल बिजली बिल में 25 प्रतिशत की छूट के बावजूद सिर्फ 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण कराया है। 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बिल जमा करने की कोई जरूरत ही नहीं समझी।
तीन जनवरी तक मंडल के नौ लाख से अधिक उपभोक्ताओं में से सिर्फ दो लाख ने ही बिजली बिल राहत योजना का लाभ लिया है। इन उपभोक्ताओं में पहले कभी भी बिजली बिल न जमा करने वाले, बिजली चोरी और लंबे समय से भुगतान न करने वाले उपभोक्ता शामिल हैं। विद्युतकर्मियों ने घर-घर जाकर योजना के प्रति लोगों को जागरूक किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेना भी जरूरी नहीं समझा। देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने जोन के चारों जिलों के बिजली बिल राहत योजना के तहत पंजीकरण व बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की समीक्षा की। इसके बाद रिकवरी प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले 50 हजार रुपये से अधिक के बकायेदारों को नोटिस जारी किया जाएगा। बिल न जमा करने पर कनेक्शन काटा जाएगा।
गोंडा में सबसे अधिक बकायेदार
गोंडा में 50 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल के 77,153, बहराइच में 41,693, बलरामपुर में 28,731 और श्रावस्ती में 16,361 बकायेदार चिह्नित किए गए हैं। देवीपाटन जोन में कुल मिलाकर 1,22,979 लाख बकाएदार हैं। इन्हें आरसी जारी किया जाएगा। 30 दिन में भुगतान न करने पर जरूरी कार्रवाई भी की जाएगी।