परिसीमन के काम को समय से न पूरा कर पाने पर शासन स्तर पर जनपद की किरकिरी करा चुका पंचायत राज विभाग सुधरने को तैयार नहीं है। तीन दिन में रैपिड सर्वे का काम पूरा करने के डीपीआरओ के निर्देश के बाद भी मुजेहना में सर्वे तो दूर, अभी इससे संबंधित प्रपत्र बांटने का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
सोमवार को डीपीआरओ की डेटलाइन खत्म होने के बाद भी ब्लॉक पर सर्वे प्रपत्र बांटे जाते रहे। इससे पंचायत चुनाव की तैयारियों की सजगता को लेकर पंचायत विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आ गई है। पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर जनपद की पहले ही किरकिरी हो चुकी है। इसके बावजूद चुनाव को लेकर पंचायत विभाग का रवैया उदासीन है।
पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति को लेकर पिछड़ी जातियों का रैपिड सर्वे कराया जाना था। इसके लिए जारी की गई समय सारिणी के मुताबिक 13 जून को विकास खंड स्तर पर जोनल एवं ब्लॉक अधिकारी, पर्यवेक्षक व प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके बाद इन प्रगणकों को 14 जून को सर्वे से संबंधित प्रपत्र व अन्य सामग्री का वितरण करना था।
आदेश के मुताबिक 15 से 25 जून तक हर हाल में रैपिड सर्वे का काम पूरा होना था, जिससे 30 जून तक ग्राम पंचायत वार मतदाता सूची का प्रकाशन कराया जा सके। विकास खंड मुजेहना में इस सर्वे कार्य के लिए प्रगणक के रूप में शिक्षामित्र, प्रेरक, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व सफाई कर्मचारियों समेत कुल 159 लोगों को लगाया गया था, लेकिन मुजेहना में विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से प्रगणकों का प्रशिक्षण ही नहीं कराया गया।
इस प्रशिक्षण को लेकर पिछले सप्ताह जिला पंचायत राज अधिकारी राम सजन चौधरी ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर प्रशिक्षण का काम पूरा कराया। इसके बाद डीपीआरओ ने तीन दिन में सर्वे का काम पूरा कराने का निर्देश एडीओ पंचायत सतीश तिवारी को दिया था।
लेकिन तीन दिन मे रैपिड सर्वे का काम पूरा करना तो दूर एडीओ पंचायत सर्वे से संबंधित सामग्री भी प्रगणकों को नहीं उपलब्ध करा सके। सोमवार को डीपीआरओ की डेटलाइन समाप्त होने के बाद भी प्रगणकों को दिनभर प्रपत्र बांटे गए। ऐसे में 30 जून को ग्राम पंचायत वार मतदाता सूची के प्रकाशन पर सवालिया निशान लग गया है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत सतीश तिवारी का कहना है कि 24 घंटे मे रैपिड सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा और 30 जून को ग्राम पंचायतवार मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर दिया जाएगा।