अब किसानों को प्राइवेट दुकानों से कृषि रक्षा रसायनों की खरीद करने पर भी कृषि विभाग से अनुदान मिलेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व हरित क्रांति योजना के तहत निजी दुकानों से रसायनों की खरीद करने पर अनुदान का लाभ पंजीकृत किसान को ही मिलेगा। इससे किसानों को अब कृषि रक्षा रसायन लेने में दिक्कत नहीं होगी।
लघु एवं सीमांत काश्तकारों को योजना का लाभ मिलेगा। खेती-किसानी में फसलों को कीट व अन्य रोगों से बचाने के लिए कई तरह की रासायनिक दवाओं की जरूरत होती है। कभी-कभी किसानों को कृषि विभाग में रासायनिक दवाओं के न रहने या फिर किसान के क्षेत्र में कृषि बीज भंडार पर दवा उपलब्ध न होने की दशा में काश्तकारों को क्षति उठानी पड़ती थी।
इसके अलावा किसानों को बाजार से मजबूरन महंगे रेट पर कीट रक्षा रसायनों को खरीदना पड़ता था। लेकिन अब शासन की इस पहल से किसानों को अनुदान पर जहां आसानी से दवाएं मिल जाएंगी, वहीं समय से किसान अपनी फसलों को नुकसान से भी बचा सकेंगे।
इस योजना की पहली शर्त यह है कि किसान का कृषि विभाग केे पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी है। इस योजना का लाभ कलस्टर के तहत अधिकतम 500 रुपये या फिर किसानों की जरूरत के मुताबिक ली गईं दवाओं पर अनुमन्य अनुदान दिया जाएगा।
कभी-कभी विभाग के पास कोई कृषि रक्षा रसायन मौजूद नहीं रहता है। किसान का अहित न हो, इसके लिए शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व हरित क्रांति योजना के अंतर्गत कलस्टर प्रदर्शन के तहत लाभार्थी किसानों और पंजीकृत काश्तकारों को बाजार में निजी दुकानों से कृषि रक्षा रसायनों की खरीद पर अनुदान देेने की व्यवस्था की है। किसान दवा खरीद कर बिल सत्यापित करवा कर जमा करें। अनुदान की रकम उनके खाते में भेजी जाएगी। - धनंजय सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी गोंडा