पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। कानून-व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। सरकार अपराधियों पर नियंत्रण करने में नाकाम है। प्रदेश के बुद्धिजीवियों को भी अराजक तत्व अपना शिकार बना रहे हैं।
अधिवक्ताओं की खुलेआम हो रही हत्या के खिलाफ वकीलों में आक्रोश है। शनिवार को वकीलों ने मौन जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताया।
शनिवार को बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जनपद के वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। वकीलों ने न्यायालय परिसर में मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध प्रकट किया।
वकीलों ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाये जाने, वकीलों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाने, मृतक अधिवक्ता परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी व 20 लाख रुपये का मुआवजा दिये जाने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
इस दौरान सत्यदेव तिवारी, संजय, मसीह खां, श्रवन श्रीवास्तव, गुंजन सिंह, अनिल सिंह मामा, धर्मदेव मिश्र व राजेन्द्र द्विवेदी सहित तमाम वकील मौजूद रहे।