बहू बेटियों की इज्जत बचाने और गांव को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए महिला ग्राम प्रधान ने अभिनव पहल की है। सरकार की ओर से केवल 12 हजार प्रोत्साहन राशि से शौचालय निर्माण को पूरा होते न देख प्रधान ने महिला टोली के साथ घर-घर चंदा मांगने का काम शुरू किया है।
गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए सरकारी प्रयास चल रहे हैं। कई वर्षों से विभिन्न नामों से संचालित योजनाओं के तहत हर घर व गांव में शौचालय तो बनाए गए लेकिन वे देखने में कहीं से भी शौचालय नहीं लगते। कारण, सरकार की ओर से जारी प्रोत्साहन राशि इतनी कम है कि उससे शौचालय बनना मुश्किल है। जबकि शौचालय निर्माण में करीब 25-35 हजार रुपये तक खर्च आता है।
मनकापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत धुसवाचांद की ग्राम प्रधान किरन तिवारी ने सरकार की निर्भरता से हटकर नई पहल शुरू की है। छह पुरुष व एक महिला सार्वजनिक शौचालय बनवाने के लिए रविवार को प्रधान किरन तिवारी ने गांव की महिलाओं व अन्य लोगों के साथ पंचायत के कई मजरों का भ्रमण किया। चंदा एकत्र करने का बाक्स लेकर लोगों से अपील की कि वे भी इसके हिस्सेदार बनें।
ग्राम पंचायत सचिव केके तिवारी ने बताया कि ग्राम सभा के मध्य में नये नाथ मंदिर, पंचायत भवन, सामुदायिक हाल, सहकारी समिति, प्राथमिक विद्यालय, मदरसा व आदर्श तालाब के पास तीन डिसमिल सरकारी भूमि पर चार लाख रुपये से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। गांव की दस हजार आबादी में 29 पुरवा है, जिसमें विभिन्न जाति के लोग रहते हैं। गांव को वाईफाई सुविधा से भी लैस किया जाएगा।