गोंडा। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। गुरुवार की शाम बारिश आफत बनकर बरस पड़ी। तेज आंधी पानी के साथ गिरे ओले ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी। खेतों में लगी गेहूं की फसल जमींदोज हो गई। आलू में पानी भर गया तो सरसों की हालत देखकर किसानों के आंखों से आंसू निकल पड़े। आंधी ने कई पेड़ों को जमीन पर ला दिया तो उससे टूटे तारों की वजह से दर्जनों गांवों में बिजली गुल रही। शुक्रवार दोपहर बाद आंधी-पानी के साथ गिरे ओलों ने फसलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। बारिश व रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से डेढ़ दर्जन ट्रेनें विलंब से चलीं। कई स्थानों पर बिजली तार टूटने से 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान रहे।
खेतों में खिले सरसों का फूल देखकर किसान फूले नहीं समाता था, लेकिन बारिश के बीच गिरे ओलों से सरसों के फूल जमींदोज हो गए। गुरुवार देर शाम से शुरू हुई बारिश ने जमकर तबाही मचाई। सुबह होते किसान अपनी बर्बादी को देखने खेतों की ओर निकल पड़े। कोई खेतों से पानी निकालने की जुगत कर रहा था, तो कोई बैठा आंसू बहा रहा था। वजीरगंज क्षेत्र के सेहरिया, बभनी, चौखट, बेलिया, उदयपुर, विरहमतपुर, धानेपुर समेंत दो दर्जन गांवो में आलू,सरसोव तबांकू आदिकी फसले चौपट हो गई। वहीं शहर के खैरा कॉलोनी, बड़गांव, इंद्रापुर, पड़री कृपाल, भटवलिया, तिरकोलिया आदि सहित दर्जनों गांवों व स्टेशन रोड पर ओले की चादर पसर गई।
खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल, डूब गई आलू की क्यारियां
ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें चटाई की तरह खेतों में बिछ गई। तेज आंधी पानी से गेहूं की फसल नीचे गिर गई। यही हाल सरसों का भी रहा। वहीं आलू की क्यारियों में पानी भर गया। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। सरसों की फसल पर ओले पड़ने से सरसो के फूल खेत में बिखर गए। ऐसे में किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। वहीं आलू क्यारियां पानी में डूब गईं। कई खेत ऐसे दिखे जिनमें क्यारियों में पानी भरा हुआ था। करनैलगंज क्षेत्र के किसान पराग दूबे, सरदार अवतार सिंह, मटरु सिंह, सुखदेख, रामचंदर, जवाहर लाल, ने बताया कि अब तक हुई बारिश में यह सब से आफत भरी बारिश हुई है। अब कोई फसलें सुरक्षित नहीं बचेगी।
कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बाधित हुई बिजली
तेज आंधी पानी से सड़क किनारे लगे पेड़ गिर गए। जिससे यातायात प्रभावित रहा और कई स्थानों पर पेड़ बिजली के खंभों पर गिरने से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिले के करीब दर्जनों गांवो में 24 घंटे से बिजली गुल रही। विद्युत उपकेंद्र खरगूपुर अंतर्गत विशुनापुर,देवतहा, साउथ फीडर सहित स्थानीय कस्बे के फीडर में विद्युत आपूर्ति बंद है। जिससे शिवसहाय पुरवा, हरचंदपुर, भुदकुड़ी, बनघुसरा, पटखौली, भवनियापुर उपाध्याय, नरायनपुर माफी, गौनरिया, भंगहा, विशुनापुर, नरहरिया, दुधरवा, रनियापुर, लोनावा दरगाह आदि गांवो में बिजली गुल रही। वहीं बेलसर के शुक्लगंज उपकेंद्र में चार फीडर है। जिसमें एक तकनीकी दिक्कत से काम नही कर रहा है। बेलसर में भी बिजली प्रभावित रही। पावर कारपोरेशन के एक्सईन रणवीर सिंह ने बताया कि आंधी पानी से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। जहां सूचना मिली वहां टीम भेजकर मरम्मत कार्य शुरू कराया जा रहा है और वन विभाग के कर्मचारी पेड़ों को काटकर रास्ता खाली कराने में जुटे हैं।
बारिश से भीग गए कच्ची ईंटे
बेलसर (गोंडा)। बेमौसम शुरू हुई बरसात से लाखों रुपए के कच्चे ईट पानी में पिघल कर खराब हो गए । बेलसर क्षेत्र समेत जनपद में सैंकड़ों भट्ठे संचालित हो रहे हैं । पवन ईट भट्ठा मालिक पवन कुमार शुक्ल ने बताया की करीब डेढ़ लाख रुपये के कच्ची ईट पानी में गल गई है। डिडीसिया कला के ईंट भट्ठा मालिक मनोज चोबे ने बताया की दो लाख की ईंट पानी में खराब हो गई है।
आंधी में गिरा पेड़, डेढ़ दर्जन ट्रेनें लेट
तेज आंधी व बारिश आने से तीन फरवरी को देर रात रेलवे ट्रैक पर 14 पेड़ गिर जाने के कारण रात्रि 11 बजे से रेल मार्ग पर 18 ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। 15910 अवध आसाम एक्सप्रेस, 02570 नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस,12566 बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, 22412 अरूणाचल एक्सप्रेस, 15113 गोमतीनगर-छपरा एक्सप्रेस, 15007 वाराणसी सिटी- लखनऊ जं0 कृषक एक्सप्रेस, 15909 अवध आसाम एक्सप्रेस, 12203 सहरसा-अमृतसर गरीबरथ एक्सप्रेस सहित डेढ़ दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।