बड़ी लाइन में आमान परिवर्तन के लिए शुक्रवार से बंद हुई बहराइच रेल सेवा के बाद गोंडा-बहराइच जनपद से यात्रा करने वाले करीब दो हजार यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले जहां उन्हें बहराइच आने-जाने के लिए केवल 20 रुपये ही खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें इस यात्रा के लिए 60 रुपये तक देने पड़ेंगे।
जबकि गोंडा-बहराइच के बीच पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों से सफर करने वाले लोगों को इसके लिए कहीं ज्यादा कीमत अपनी जेब से चुकानी होगी। उधर, दूसरी ओर बहराइच रेल रूट बंद होने से इस रूट पर बढ़ी यात्रियों की भीड़ से रोडवेज के पास बसों का भी अकाल हो गया है और लोगों को बहराइच आने-जाने के लिए बसें ही नहीं मिल रहीं।
शुक्रवार को रेल रूट बंद होने के पहले दिन इसका असर हर घंटे-दो घंटे के बीच बस अड्डे पर भी दिखाई दिया। जहां बहराइच जाने वाले यात्रियों को गोंडा से बसें ही नहीं मिलीं। हालांकि इस बाबत रोडवेज के एआरएम विमल राजन का तर्क है कि उन्होंने हर आधे घंटे पर बहराइच जाने के लिए बसों की व्यवस्था पहले से कर रखी है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।
वहीं, शुक्रवार को बस अड्डे के इर्द-गिर्द तमाम डग्गामार वाहन नजर आए। रोडवेज के ठीक समानांतर चल रहे डग्गामार वाहनों के इस स्टैंड पर कई पुरानी तो कुछ नई गाड़ियां भी दिखाई दीं।
बहराइच रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद होने से पहले रोडवेज इस रूट पर अपनी चार बसें ही चलाया करता था। लेकिन शुक्रवार से बंद हुए रेल रूट के बाद उसने इस रूट पर अपनी बसों की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी है। जबकि यूपीएसआरटीसी से अनुबंधित दो बसें इस रूट पर पहले से चल रही हैं। वहीं इलाहाबाद-बहराइच, बनारस-बहराइच व पडरौना से बहराइच के बीच भी क्रमश: एक-एक बसों का संचालन पहले से हो रहा है।
बहराइच रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद होने से जहां दो हजार यात्रियों की मुश्किलें जेब खर्च को लेकर बढ़ी हैं तो वहीं इस खर्च को कुछ हद तक बढ़ाकर सीमित रखने के लिए उनके पास एमएसटी एक ऐसा विकल्प है, जिससे वह इस खर्च को कुछ हद तक कम जरूर कर सकते हैं। रोडवेज में इसके लिए 36 ट्रिप का पैसा लेकर 60 ट्रिप की यात्रा मुहैया कराने का एक विकल्प है।